ओम टेलर/जोधपुर. सुबह करीब दस बजे जैसे ही घर से ड्यूटी के लिए निकला तो अचानक गली में थालियां व तालियां बजाने की आवाज आने लगी। मैं कुछ समझता इससे पहले ही मोहल्ले के एक-दो बच्चे बेस्ट ऑफ लक लिखें हुए गुब्बारे हाथ में थमा गए। सभी हौंसला बढ़ा रहे थे। कह रहे थे आप हमारे लिए ड्यूटी पर जा रहे हो बेस्ट ऑफ लक। मोहल्लवासियों से मिल रहे इस सम्मान के बाद सच कहूं तो ड्यूटी के प्रति ओर निष्ठावान हो गया हूं।
यह कहना है शहर के महामंदिर क्षेत्र के पावटा सी रोड आकाशवाणी के पीछे रहने वाले चिकित्सक धमेन्द्र पारीख का। डॉक्टर पारीख ने बताया कि उनकी ड्यूटी इन दिनों स्केनिंग सैल में लगी हैं। शहर में प्रवेश करने वाले सात मार्गों पर लगी स्केनिंग टीम को जरुरत का सामान उपलब्ध करवाना एवं उनकी देखरेख करना उनकी ड्यूटी में शामिल है। उन्होंने बताया कि वे रोज सुबह नौ-दस बजे के बीच जेडीए ऑफिस चले जाते है। उसके बाद टीमों से बातचीत होती रहती है। इन पॉइंटों का निरीक्षण करने के लिए भी जाते हैं लेकिन सावधानी बरतते हैं।
बीवी-बच्चों से मिलने से पहले करता हूं स्नान
डॉ पारीख ने बताया कि ड्यूटी से आते ही पहले ग्राउंड फ्लोर पर बने बाथरूम में नहाते हैं। अपने कपड़े खुद धोते हैं दूसरी ड्रेस पहनने के बाद फ्स्र्ट फ्लोर पर घर में जाते हैं। उसके बाद ही दस वर्षीय बेटी धरा व छह वर्षीय बेटे शिवांस को दुलार करते हैं।
पत्नी भी पहले से ज्यादा रखने लगी ख्याल
सच कहूं तो इन दिनों पत्नी भी पहले से ज्यादा सम्मान देने लगी है। ख्याल रखने लगी है। पूछा तो कहा कि आप हमारे लिए रिस्क लेकर ड्यूटी पर जा रहे हो आपके कारण मोहल्ले में मेरी इज्जत और बढ़ गई है।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2wChXiC
0 comments:
Post a Comment