जोधपुर. बच्चों से लेकर बड़ों की भी इन दिनों लॉकडाउन के चलते दिनचर्या बदल चुकी है। हर कोई घर में रहकर अलग-अलग एक्टिविटी के माध्यम से टाइम पास कर रहा है। कोई टीवी पर मनोरजंन ढूंढ रहा है तो कोई अपनी पसंद के गेम्स खेल रहा है। कहीं पर पारम्परिक इंडोर गेम्स में जीतने की होड़ लगी है तो कहीं पूजा पाठ भी बच्चों को सिखाया जा रहा है। इसी कड़ी में इन दिनों ऑनलाइन व ईबुक्स पढऩे का चलन तेजी से बढ़ रहा है। लॉकडाउन के दौरान पेरेंट्स भी बच्चों को मोटिवेशनल, साहित्यक, धार्मिक आदि तरहों की पुस्तकें पढऩे के लिए प्रेरित कर रहे है। जिससे खाली समय का सही से उपयोग किया जा सकें।
महापुरूषों की जीवनी का क्रेज
खासबात यह है लॉकडाउन के दौरान बच्चे जहां कॉमिक्स कैरेक्टर पढ़ रहे हैं, वहीं बड़ों में महापुरूषों के जीवन चरित्र, मुल्यों को जानने का क्रेज दिखाई दे रहा है। इसके चलते स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी, रविंद्रनाथ टैगोर, पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम सहित रामायण, महाभारत, मैथिली की यौद्धा आदि पुस्तकें पढ़ी जा रही है। इसके अलावा मोटिवेशन बुक्स भी खूब पढ़ी जा रही है। वहीं युवाओं की बात जाए तो सेना से जुड़ी पुस्तकें पढऩे में युवा खासा उत्साह दिखा रहे हैं।
फ्री बुक्स डाउनलोड का मिल रहा फायदा
वहीं केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से भी लॉकडाउन के दौरान घरों में बंद लोगों के ‘स्टे होम इंडिया विथ बुक्स’ नाम से पहल शुरू की है। इसमें मंत्रालय के अधीन आने वाले नेशनल बुक ट्रस्ट की ओर से वेबसाइट पर विभिन्न वर्ग के लिए 100 से अधिक पुस्तकें नि:शुल्क डाउनलोड करने की भी सुविधा दी है। इसमें हिंदी, अंग्रेजी, बांग्ला, गुजराती सहित विभिन्न भाषाओं में पुस्तकें मौजूद है। इसमें फिक्शन से लेकर बायोग्राफी, साइंस, टीचर्स हैंडबुक बच्चों की किताबें, उपन्यास आदि शामिल है। जोधपुराइट्स इसका जमकर फायदा उठा रहे हैं।
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