पॉजिटिव रोगियों के आंकड़ों में गफलत का संक्रमण, सरकारी एजेंसियां नहीं कर रही समन्वय के साथ काम!

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जोधपुर. कोरोना के बढ़ते कहर के बीच सरकारी एजेंसियां संक्रमित रोगियों के आंकड़ों को लेकर समन्वय के साथ काम नहीं कर पा रही है या इसमें कोई घालमेल है, ये सवाल पिछले दो दिन से खड़ा हो रहा है। सरकारी एजेंसियों की ओर से जारी किए गए आंकड़ों में जहां राज्य स्तर पर जोधपुर में मंगलवार को 13 कोरोना पॉजिटिव बताए गए, वहीं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध करवाई गई जानकारी में संक्रमित रोगियों का आंकड़ा 16 बताया गया है, लेकिन राज्य स्तरीय व स्थानीय आंकड़ों में कुल संक्रमितों की संख्या 95 ही बताई गई है। डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायलोजी लैब की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार मंगलवार को जोधपुर में 16 पॉजिटिव रोगी सामने आए। इसे मिलाकर जोधपुर के कुल संक्रमितों की संख्या 95 हो गई है।

यहां है कोई गड़बड़ी
जोधपुर में संक्रमित रोगियों की संख्या सोमवार को पहले 31 बताई गई। इसके हिसाब से जोधपुर में सोमवार रात तक 82 संक्रमित रोगी थे। राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से भी यही संख्या जारी हुई, लेकिन जोधपुर में देर रात आकंड़ा 81 ही बताया गया। अब इस आंकड़े में जोधपुर से मंगलवार को बताए गए 16 पॉजिटिव की संख्या जोड़ दी जाए तो कुल आंकड़ा 97 होना चाहिए था। यदि जयपुर से जारी सोमवार को 13 संक्रमितों के आंकड़े को सही मानें तो ये आंकड़ा 95 ही होता है। यानी सोमवार को जारी 82 का आंकड़ा सही था, फिर सोमवार को जोधपुर में आंकड़ा 81 ही क्यों बताया गया। इसमें 13 और जोड़े जाएं तो आंकड़ा 94 होता है। इस गफलत को लेकर चिकित्सा विभाग और मेडिकल कॉलेज का कोई अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है।

यानी के 28 मरीज आए संक्रमित, कॉलेज ने यूं किया खेल
बता दें कि बीते दिन सोमवार को कुल 28 मरीज संक्रमित आए थे। ऐसे में कॉलेज ने मंगलवार दोपहर तक की रिपोर्ट में 82 मरीज ही बताए । शाम को कॉलेज राज्य सरकार को प्रेषित रिपोर्ट में 13 मरीज बताए और जोधपुर को 16 मरीज बताकर आंकड़ा बराबर 95 पर लाकर रख दिया।

मरीजों के पते में भी घालमेल
कॉलेज से जारी रिपोर्ट में कई मरीजों के पते ढंग से लिखे नहीं आ रहे है। वहीं कई संक्रमितों के कार्यस्थल का उनका पता बताकर डाटा एंट्री की जा रही है।

कोरोना मरीज डिस्चार्ज करने के मामले में राज्य सरकार ने मांगी रिपोर्ट
कोरोना पॉजिटिव को अस्पताल से डिस्चार्ज करने के मामले में राज्य सरकार ने डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। कॉलेज प्रशासन ने मंगलवार शाम भेजी रिपोर्ट में माना कि मरीज का नमूना दो अलग-अलग टैक्निशिशन ने लिया था। इस वजह से भी गफलत हो गई और पहले नमूने में रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद मरीज को होम क्वेरेंटाइन करते हुए डिस्चार्ज कर दिया गया।पॉजिटिव को डिस्चार्ज करने की खबर राजस्थान पत्रिका ने 'पॉजिटिव कर दिया डिस्चार्ज' शीर्षक से मंगलवार को प्रकाशित की थी। इस पर राज्य सरकार ने मेडिकल कॉलेज से मंगलवार दोपहर ही रिपोर्ट तलब कर ली। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जीएल मीणा ने पुष्टि करते हुए बताया कि मरीज को जिस चिकित्सक ने देखा था, उसके पास रिपोर्ट नेगेटिव थी। उसने मरीज को क्वारेंटाइन में भेज दिया। इससे पहले एक अन्य टेक्रिशियन ने भी उसका नमूना लिया। इसमें रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। इस पर मरीज को घर से वापस बुला लिया गया। इधर कॉलेज प्रशासन ने संबंधित चिकित्सक से मरीज को डिस्चार्ज करने पर स्पष्टीकरण भी मांगा है।



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