मॉडिफाइड लॉकडाउन में शहरों में सन्नाटा कायम, हाइवे पर चले पहिये, गांवों में समझदारी भरी चहल-पहल

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जोधपुर. प्रदेश में मॉडिफाइड लॉक डाउन लागू हो गया है। लेकिन जोधपुर शहर में नहीं। प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े शहर को अभी अपनी गलतियों के कारण कुछ इंतजार करना होगा। शहर का परकोटा पूरी तरह से सील है और संक्रमितों का आंकड़ा 250 के करीब पहुंच गया है। दूसरी और शहर से सटे हाइवे पर वाहनों की रेलमपेल शुरू हो गई। मॉडिफाइड लॉकडाउन का पहला दिन था इसलिए बहुत ज्यादा छूट व लोगों का उत्साह नहीं देखा गया। शहर व गांवों में कैसा था मॉडिफाइड लॉक डाउन का पहला दिन इस पर एक रिपोट...र्

शहर की स्थिति
जोधपुर शहर का नगर निगम क्षेत्र में शहरी क्षेत्र में शामिल हो चुके 12 गांवों का क्षेत्र कंटेनमेंट जोन में शामिल किया गया है। ऐसे में यहां पहले की तरह लॉकडाउन व कफ्र्यू जारी रहा। यहां सरगर्मियां ऐसे क्षेत्र में ज्यादा दिखी जहां कफ्र्यू नहीं है या ऐसे क्षेत्र जहां कोई पॉजीटिव मरीज अब तक नहीं आया है। सोशल मीडिया पर संदेश वायरल होते हैं। अधिकांश लोग ऐसे संदेश वायरल करते रहे कि हमारी ही गलती की वजह से कई क्षेत्रों में संक्रमण फैला। इसीलिए हमें राहत नहीं मिली।

गांवों की स्थिति
अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में मॉडिफाइड लॉकडाउन लागू होने के बाद भी ग्रामीण काफी संयमित नजर आए। उपखंड प्रशासन ने श्रेणीवार दुकानें खोलने का समय निर्धारित कर दिया। लेकिन इसके बावजूद अब खुद ही संयम बरत रहे हैं। फलोदी व पीपाड़ जैसी नगरपालिकाओं में सड़कों पर सन्नाटा रहा। कृषि मंडियों में जरूर कुछ रौनक देखी गई। इसके अलावा माल परिवहन करने वाले वाहनों की रेलमपेल हाइवे पर शुरू हो गई। टोल नाके भी शुरू हो गए। सरकारी कार्यालयों में भी कुछ स्टाफ काम पर आए। कुछ कस्बों में ऐसी दुकानें भी खुल गई तो अनुमत नहीं थी, उन्हें पुलिस प्रशासन ने सख्ती के साथ बंद करवाया।

जयपुर से भी ज्यादा खराब स्थिति
जयपुर में संक्रमितों की संख्या जोधपुर से अधिक है। यहां संक्रमण का आंकड़ा 500 के पार है। लेकिन इसके बावजूद ऐसे क्षेत्र जो ऑरेंज व ग्रीन श्रेणी में है वहां मॉडिफाइड लॉकडाउन लागू किया गया। इसका कारण वहां संक्रमित मरीज अधिकांश एक ही क्षेत्र से हैं व फैलाव पूरे शहर में नहीं हुआ। लेकिन दूसरी ओर जोधपुर का परकोटा शहर को एक प्रकार से पूरी तरह से संक्रमित मरीजों से भरा पड़ा है। इसके अलावा शास्त्री नगर, मसूरिया, प्रताप नगर, चौपासनी हाउसिंग बोर्ड, कुड़ी भगतासनी व खेतानाड़ी के साथ बीजेएस व रातानाडा का कुछ क्षेत्र भी पॉजीटिव मरीज मिलने के कारण पूरे शहर को ही रेड जोन करना पड़ा है। अब अगले दो सप्ताह में हम नहीं सुधरे व हालात सामान्य नहीं हुए तो इसी तरह की पाबंदियां जारी रह सकती है।

मॉडिफ ाइड लॉकडाउन में मंडियों में फ सलों की बोली शुरू
मॉडिफ ाइड लॉकडाउन के तहत किसानों को कृषि जिंसों को बिक्री के लिए मंडियों में कारोबार शुरू करने की छूट दी है। प्रदेश की सबसे बड़ी जीरा मंडी में व्यापार शुरू हो गया है। कृषि उपज मंडी समिति के सचिव सुरेंद्र सिंह ने बताया कि 15 अप्रेल से अब तक किसानों को करीब 200 पास दिए जा चुके हैं। सोमवार को 15 पास जारी किए गए। वहीं जीरा मंडी व्यापार संघ के अध्यक्ष पुरुषोत्तम मूंदड़ा ने बताया है कि व्यापार कार्य शुरू हो गया है और प्रतिदिन करीब 3 से 4 बोरी जीरे का व्यापार हो रहा है। वहीं इसबगोल व अन्य कृषि जिंसों में भी व्यापार हो रहा है।

खास बातें
- शहरी क्षेत्र में सन्नाटा और कोई छूट नहीं।
- शहर में खनन विभाग जैसे कुछ कार्यालयों में इक्का-दुक्का कर्मचारी बुलाए गए।
- सोशल मीडिया पर संदेश वायरल, लोग लॉकडाउन में गंभीरता नहीं बरतने की गलती मानने लगे।
- हाइवे पर पहिये चले और टोल शुरू हुआ।
- गांवों में दुकानें खुलने का समय निश्चित हुआ।
- कृषि मंडियों में कुछ रौनक दिखी।
- बड़े कस्बों में सावधानी बरतते हुए लोग खुद ही लॉकडाउन का पालन करते दिखे।



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