अभिषेक बिस्सा/जोधपुर. नाम नटवर भार्गव। कोरोना वायरस विंग में इन दिनों सुपरवाइजर हैं, लेकिन पद में नर्स ग्रेड प्रथम है। किस मरीज के लिए आज कितना खाना मंगवाना है और कोई जैन भोजन तो नहीं लेता, इन बातों का ध्यान नटवर रखते हैं। साथ ही स्टाफ का खाना मंगवाने की जिम्मेदारी इन पर है। इनके ऊपर कोरोना वायरस संक्रमित मरीज है और नीचे के फ्लोर में ये सभी का ध्यान रखते हैं। उनके डेडिकेशन को अस्पताल प्रशासन भी सैल्यूट करता है।
सुबह 8 बजते ही अस्पताल आना और रात के 10 बजे घर जाना इनकी दिनचर्या का इन दिनों हिस्सा बन गया है। डायरेक्ट मरीजों के टच में नहीं होने के कारण इन्हें घर जाने की अनुमति दी गई है। वैसे घर के गलियारे में नर्सेज नटवर ने खुद को आइसोलेट कर रखा है। उनके जाने के बाद बच्चे व पत्नी उनके गलियारे में दूर से खाना रखते हैं, उसी खाने को नटवर रात को घर जाने के बाद खाते है।
नटवर नर्सेज यूनियन लीडर भी हैं। नटवर कहते हैं कि जब देश का सिपाही जंग में अपनी जान दांव पर लगा सकता है तो चिकित्सा क्षेत्र में ऐसी आपदा आने पर वे पीछे कैसे हट सकते हैं? उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो वे वार्ड में सेवाएं देंगे। नटवर ने कहा कि वे इन दिनों घर में भगवान की पूजा नहीं कर पा रहे हैं, ऐसे में वे मरीजों की सेवा को ही भगवान की पूजा समझते हैं।
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