लॉकडाउन का दिखा असर : जोधपुर में वायु प्रदूषण घटा, 200 से 100 पर पहुंचा एक्यूआई

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जोधपुर. देश में लॉकडाउन लागू होने के बाद पूरे देश की हवा में सुधार हुआ है। वाहन और फैक्ट्रियां बंद होने वायु में धूल कण सहित अन्य गैसें कम हो गई। देश के 103 शहरों में से 88 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई है जिसमें प्रदेश के जयपुर, जोधपुर, पाली, भिवाड़ी, अजमेर, कोटा और उदयपुर भी शामिल है। जोधपुर में मार्च के प्रथम पखवाड़े में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) औसतन 200 माइक्रोग्राम पर क्यूबिक मीटर था जो मार्च के दूसरे पखवाड़े में औसतन 100 रह गया है। पिछले सप्ताह बारिश के दिनों में तो यह 50 के पास आ गया था। जोधपुर में एक्यूआई में सबसे अधिक सुधार धूल कणों में हुआ है, जबकि गैसों का प्रदूषण उतना का उतना ही है। इससे वैज्ञानिक व विशेषज्ञ चिंतित हैं।

जोधपुर में धूल कण घटे, गैसें नहीं
राजस्थान सरकार ने 22 मार्च से प्रदेश में लॉकडाउन घोषित कर दिया था। 21 मार्च से जोधपुर की हवा की गुणवत्ता में सुधार होना शुरू हुआ। बीस मार्च से पहले पार्टिकुलेट मैटर 150 से 200 पाट्र्स पर मिलियन (पीपीएम) आ रहे थे। 22 से 31 मार्च के दरम्यान इनका औसतन 75 से 100 के मध्य रह गया। जानकारों के मुताबिक वाहन बंद होने और फैक्ट्रियां ठप पडऩे की वजह से वायु में धूल कण कम हो गए, लेकिन इस दौरान नाईट्रोजन डाई ऑक्साइड, सल्फर डाई ऑक्साइड, कार्बन मोनो ऑक्साइड और ओजोन के प्रदूषण पर कोई खास असर नहीं पड़ा। यह डाटा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जोधपुर में कलेक्ट्रेट स्थित मॉनिटरिंग सेंटर से लिए गए हैं। मोटर वाहन के इंजन के नाइट्रोजन व सल्फर के ऑक्साइड और कार्बन निकलता है जो वायु प्रदूषित करता है। जोधपुर में गैसों का प्रदूषण कम नहीं होने से विशेषज्ञ चिंतित है।

एयर क्वालिटी इंडेक्स देखकर संतोष

तारीख ------- एक्यूआई
2 मार्च ------- 140
5 मार्च ------- 191
10 मार्च------- 122
15 मार्च ------- 198
20 मार्च ------- 261

लॉकडाउन के बाद
22 मार्च ------- 124
23 मार्च ------- 98
25 मार्च ------- 108
27 मार्च------- 44
29 मार्च ------- 82
31 मार्च ------- 95

लॉकडाउन से जोधपुर की वायु गुणवत्ता
तारीख------- पीएम 2.5--पीएम 10-नाईट्रोजन डाई ऑक्साड--सल्फर डाई ऑक्साड---कार्बनमोनोक्साड- ओजोन
2 मार्च ------- 148 ------- 128------- 31 ------- 11 ------- 38 ------- 28
5 मार्च ------- 189 ------- 155 ------- 53------- 11------- 44------- 8
10 मार्च------- 80------- 124------- 49 ------- 12 ------- 36 ------- 59
15 मार्च -------203 ------- 141------- 20------- 11------- 42------- 8
20 मार्च ------- 262 ------- 202------- 133------- 16------- 31------- 83

लॉकडाउन के बाद देखिए जोधुपर की वायु गुणवत्ता
22 मार्च ------- 105------- 124------- 41------- 9------- 48------- 69
23 मार्च ------- 84------- 100------- 59------- 12------- 54------- 59
25 मार्च ------- 108------- 86------- 14------- 11------- 41------- 48
27 मार्च ------- 36------- 44------- 9------- 12--------- 28------- 40
29 मार्च ------- 80------- 79------- 54------- 11------- 60------- 57
31 मार्च ------- 94------- 90------- 39------- 10------- 66------- 67
(गैसों के डाटा माइक्रोग्राम पर मीटर में है। आप देख सकते हैं कि लॉकडाउन के पहले और बाद में जोधपुर में केवल धूल कणों के डाटा ही कम हुए हैं जबकि गैसों के उत्सर्जन में कोई खास फर्क नहीं पड़ा है।)

आधे धूल के कण वाहनों के कारण
जोधपुर में धूल कणों का प्रदूषण है, जिसमें आधा भाग मोटर वाहन और फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं का है। इसके जरिए हवा में धूल कण बढ़कर प्रदूषण पैदा करते हैं। नाइट्रोजन, सल्फर और कार्बन के ऑक्साइड का प्रदूषण पहले से ही कम है।
-प्रो.एसके सिंह, सिविल विभाग, एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज जोधपुर



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