गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. जोधपुर मिलिट्री स्टेशन में कोरोना वायरस के संदिग्ध लोगों के लिए आइसोलेशन कैंप तैयार करने के बाद यहां केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के सहायक प्रशिक्षण केंद्र में भी यह व्यवस्था की जा रही है। भारत-तिब्बत पुलिस बल (आइटीबीपी) की ओर से हरियाणा के मानेसर में सबसे पहले कैंप लगाया गया था। जोधपुर स्थित आइटीबीपी भी इसको लेकर तैयार है।
उधर ईरान से 53 और भारतीयों का दूसरा बैच सोमवार सुबह जैसलमेर एयरपोर्ट उतरा, जहां उनकी जांच के बाद उन्हें शहर से 15 किलोमीटर दूर मिलिट्री स्टेशन में बनाए गए वेलनेस सेंटर में ले जाया गया। रविवार को यहां 236 यात्री आए थे। कुल मिलाकर अब 289 यात्री हो गए हैं। सेना की ओर से इनके लिए खाने-पीने की व्यवस्था के साथ खेलने-कूदने और मनोरंजन की भी व्यवस्था की गई है। यात्रियों को 14 दिनों तक आइसोलेशन में रखा जाएगा। इसके बाद उन्हें उनके अपने-अपने घर भिजवा दिया जाएगा। इन यात्रियों में अधिकांश छात्र हैं।
सीआरपीएफ में ट्रेनिंग बंद
कोरोना वायरस के प्रसार को देखते हुए जोधपुर स्थित सीआरपीएफ रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर में हाल ही में होने वाले प्रशिक्षण स्थगित कर दिए गए हैं। कांस्टेबल से हैड कांस्टेबल और एएसआई से एसआई पद पर पदोन्नति के लिए होने वाले प्रशिक्षण बाद में किया जाएगा। बीएसएफ में भी सामान्य कामकाज को छोडकऱ सामूहिक गतिविधियां बंद कर दी गई है।
अद्र्धसैनिक बल रहें तैयार
देश में सेना रक्षा मंत्रालय और अद्र्धसैनिक बल गृह मंत्रालय के अंतर्गत आते हैं। गृह मंत्रालय ने सभी अद्र्ध सैनिक बलों को अपने परिसरों में आइसोलेशन व्यवस्था रखने के निर्देश दिए। इनमें कोरोना प्रभावित देशों में फंसे भारतीयों को लाकर आइसोलेशन में रखा जाएगा ताकि वायरस अन्य जगह नहीं फैले।
100 बेड की व्यवस्था की
सरकार ने हमें 100 बेड के आइसोलेशन कैंप की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। हमनें मेडिकल टीम के साथ पूरा कैंप तैयार कर दिया है।
-महेंद्र सिंह, उप महानिरीक्षक, सीआरपीएफ जोधपुर
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