जोधपुर/नागौर.
सीबीआई ने चार लाख रुपए रिश्वत लेते चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) सुरेश पारीक के साथ नागौर के आयकर अधिकारी लक्ष्मणसिंह व आयकर निरीक्षक प्रेमसुख डिडेल को गुरुवार को गिरफ्तार किया। आरोपियों के नागौर, जयपुर व मेड़तासिटी में दस ठिकानों पर छापे मारकर कई दस्तावेज जब्त किए गए हैं। एक अन्य आयकर अधिकारी की भूमिका के बारे में जांच की जा रही है।
सीबीआई के अनुसार आयकर विभाग ने गत ५ व ६ मार्च को नागौर में मणिहारी व जूतों के दो व्यापारियों और रिश्तेदारों के ठिकानों पर आयकर सर्वे किया था। इनसे तीन करोड़ रुपए की अघोषित आय उजागर हुई। इसके बाद व्यापारी पर आयकर अधिकारी रिश्वत का दबाव डालने लगे। नागौर में हाथी चौक मोहल्ला निवासी सीए सुरेश पारीक के जरिए सैटलमेंट के नाम पर पांच लाख रुपए रिश्वत मांगी गई। व्यापारी ने जोधपुर में सीबीआई की एसीबी विंग में नागौर आयकर विभाग के दो आयकर अधिकारियों, एक निरीक्षक व सीए के खिलाफ लिखित शिकायत दे दी। गोपनीय सत्यापन में पुष्टि के बाद सीबीआई ने व्यापारी को चार लाख रुपए रिश्वत देने के लिए गुरुवार रात नागौर में सीए के पास भेजा।
सीए सुरेश ने व्यापारी से चार लाख रुपए ले लिए। इसी दौरान सीबीआई ने दबिश देकर रिश्वत की रकम के साथ सीए को पकड़ लिया। सीए से पूछताछ में आयकर अधिकारी व आयकर निरीक्षकों के लिए रिश्वत लेने की बात सामने आई। सीए की दोनों से बात कराने के बाद सीबीआई ने आयकर अधिकारी लक्ष्मणसिंह और निरीक्षक प्रेमसुख डिडेल को भी हिरासत में लिया। रातभर पूछताछ के बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी रिमाण्ड पर
प्रारम्भिक जांच व पूछताछ के बाद तीनों आरोपियों कोगुरुवार दोपहर बाद जोधपुर स्थित सीबीआई कार्यालय लाया गया। इस बीच, आरोपियों के नागौर, जयपुर और मेड़तासिटी स्थित दस ठिकानों पर दबिश देकर सम्पत्ति और सर्वे संबंधी दस्तावेज जब्त किए गए हैं। सीबीआइ ने आइटीओ लक्ष्मणसिंह, निरीक्षक प्रेमसुख डिडेल व सीए सुरेश को यहां कोर्ट में पेश कर पांच-पांच दिन के रिमाण्ड लिया।
एक अन्य आइटीओ की भूमिका संदेह के दायरे में
व्यापारी ने आयकर के दो अधिकारी, एक निरीक्षक व सीए के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी। सीबीआइ ने सीए के साथ एक आइटीओ व निरीक्षक को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन दूसरे आइटीओ की भूमिका फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई। एेसे में उनके खिलाफ जांच की जा रही है।
सरकारी-निजी आवास पर छापे, ऑफिस भी खंगाले
सीबीआइ ने दोनों आयकर अफसरों व निरीक्षक के नागौर स्थित सरकारी आवास की तलाशी ली। वहीं, आइटीओ के जयपुर स्थित मकान में भी छापे मारे। आयकर निरीक्षक के मेड़ता सिटी स्थित मकान, सीए के मकान व उसमें ऑफिस की तलाशी ली गई। वहीं, आयकर कार्यालय से भी संबंधित मामले के दस्तावेज जब्त किए गए।
बीस में से पन्द्रह लाख रुपए पहले लिए!
सूत्रों की मानें तो सर्वे के बाद आरोपियों ने व्यापारी से मामले में मदद के नाम पर बीस लाख रुपए मांगे थे। इसमें से पन्द्रह लाख रुपए वसूल कर लिए गए। वहीं, पांच लाख रुपए में से चार लाख रुपए लेते गिरफ्तार किया गया। हालांकि सीबीआइ ने इस संबंध में पुष्टि नहीं की।
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