फोटो : दिलावरसिंह राठौड़/बेलवा/जोधपुर. दुनियाभर में दहशत फैला चुके कोरोना वायरस का असर अब जोधपुर जैसलमेर के पर्यटन व्यवसाय पर नजर आने लगा है। चीन में फैले कोरोना वायरस के कारण प्रदेश में विदेशी पर्यटकों की आवक कम हो गई है। चीन के जानलेवा कोरोना वायरस की दहशत मारवाड़ तक पहुंच गई है। इस वायरस के आतंक का असर यहां के पर्यटन व्यवसाय पर पडऩे लगा है। विश्व पर्यटन पटल पर विख्यात स्वर्णनगरी में वर्षभर देश-विदेश के सैलानियों की आवाजाही रहती है, लेकिन कोरोना वायरस की वजह से इन दिनों कई विदेशी पर्यटकों ने अपना टूर कैंसिल कर दिया है। तो कई देशों से विदेश यात्रा के वीजा पर रोक लगा दी है। जिससे ट्रेवल एजेंसियों व होटल कारोबारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। जोधपुर से जैसलमेर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 125 पर बालेसर, आगोलाई, सेखाला, देचू, सेतरावा, खिंयासरिया, चोरडिय़ा व रायसर गांवों के विभिन्न रेस्ट्रोरेंट, डेजर्ट कैम्प्स, ढाबों, गेस्ट हाउस पर सन्नाटा पसरा है। राजमार्ग पर पहले की रौनक व चहल पहल गायब सी हो गई है। होटल व्यवसायियों के अनुसार प्रयर्टकों की आवाजाही नही होने से आर्थिक मंदी के दौर के बीच प्रयर्टन बाजार की गति थम सी गई है। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए राज्य के स्कूल, कॉलेज व कोचिंग संस्थानों को बंद रखने के आदेश के साथ ही अब सरकार ने पुरातत्व विभाग के नियंत्रण में मुख्य पर्यटन स्थलों को भी बंद करने के निर्देश दिए है। एक तरफ लोग जहां इस कोरोना वायरस से खौफ में है तो दूसरी तरफ अब उन्हें मार्च क्लोजिंग के साथ आर्थिक संकट के दौर से गुजरना पड़ रहा है। वहीं इसके बीच गांवों में भी ग्रामीण बचाव के जतन कर रहे हैं। एक बुजुर्ग ने मास्क के अभाव में अपने सिर पर पहने साफे के एक पल्लू से अपना मुहं ढककर महामारी से सावधानी बरतने का संदेश दिया।
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