पावटा बस स्टैंड पर उमड़ी यात्रियों की भीड़, स्क्रीनिंग की सुविधा नहीं होने पर मंडरा रहा संक्रमण का खतरा

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वीडियो : ओम टेलर/जोधपुर. सरकार के आदेश के बाद जोधपुर से शनिवार रात करीब साढ़े नौ बजे से रोडवेज बसों से मजदूरों को भरतपुर, जयपुर के लिए रवाना किया। जहां से वे आगे का सफर तय करेंगे। लेकिन चिंता की बात यह है कि बसों में क्षमता से ज्यादा यात्रियों को बिठाया गया तथा उनमें से कोई कोरोना संक्रमित तो नहीं हैं इसकी स्क्रेनिंग तक नहीं करवाई गई। ऐसे में इनमें से एक भी कोरोना संक्रमित निकला तो जहां जाएगा वहां अन्य लोगों को संक्रमित करेगा।

जोधपुर डिपो के चीफ मैनेजर बीआर बेड़ा ने बताया कि आठ बसें तो बालेसर भेजी गई जहां से चार सौ से अधिक मजदूरों को लेकर आगे भरतपुर भेजा जाएगा। इसके साथ ही दो गाडिय़ां बनाड़ थाने भेजी गई। जहां से पैदल जा रहे करीब सौ यात्रियों को जयपुर के लिए भेजा गया। बस डिपो से एक के बाद एक आठ गाडिय़ों में मजदूरों को जयपुर, भरतपुर के लिए भेजा गया। करीब एक हजार से अधिक यात्रियों को शनिवार देर रात तक रवाना किया गया। रविवार सुबह फिर से बसें रवाना की जाएंगी। उन्होंने बताया कि उनके डिपो में 80 बसें रूट पर दौडऩे के लिए तैयार है। आवश्यकता अनुसार उन्हें संचालित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी यात्रियों से किराया लिया जाएगा।

पैदल ही निकल गए एमपी के लिए
इससे पहले काफी संख्या में भदवासिया व हड्डी मिल क्षेत्र से लोग बस स्टैंड पहुंचे। पूछने पर बताया कि समाचार में सुना था कि उनके लिए सरकार ने निशुल्क बस व्यवस्था की है इसलिए आए है। भदवासिया निवासी छगनबाई ने बताया कि उनके पास कमरे का किराया देने जितने पैसे नहीं हैं। काम काज नहीं हैं इसलिए एमपी स्थित अपने गांव जा रही हूं। इटावा हाल हड्डी मिल जोधपुर निवासी शिव ने बताया कि वह भी इटावा जाना चाहता है इसलिए आया। सुनीता देवी ने बताया कि वह गत शनिवार को जोधपुर दवाइयां लेने आई थी। यातायात के साधन बंद होने से उसने इतने दिन रेलवे स्टेशन परिसर में बिताए।

एक बस में 70 से अधिक यात्री
कोरोना वायरस से बचने के लिए एक तरफ तो आपस में एक मीटर की दूरी बनाए रखने की हिदायत दी जा रही है। दूसरी ओर रोडवेज बसों की क्षमता सेअधिक यात्रियों को बिठाया गया। कई जने तो खड़े खड़े ही यात्रा करते नजर आए।बिना स्क्रेनिंग के भेजाबाहरी राज्यों से आने वाले व्यक्तियों की स्क्रेनिंग की बात कही जा रही है। लेकिन शहरी क्षेत्र से एक हजार से ज्यादा लोगों को रवाना किया गया लेकिन उन्हें स्क्रेनिंग तक नहीं करवाई गई।



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