जोधपुर.
जोधपुर की हैंडीक्राफ्ट इंडस्ट्री में वुड व आयरन के उत्पाद के बाद तेजी से पॉलिरेसिन के उत्पादों का क्रेज भी बढ़ रहा है। एक्सपोर्ट्स को इस प्रकार के उत्पाद काफी पसंद आ रहे हैं। खास बात यह है कि चाइना में इस पदार्थ के उत्पादों का काफी निर्माण होता है, लेकिन पिछले कुछ सालों में भारत के प्रति इंटरनेशनल बायर्स का रुझान बढ़ा है, जोधपुर में भी इसका व्यापक निर्माण हो रहा है।
क्या है पॉलिरेसिन
यह लिक्विड फॉर्म में एक केमिकल है जो सूखने के बाद किसी भी आकार में ढल जाता है। यह केमिकल कम्पोजिशन है जो ऑक्सीलाइट व पॉलिस्टोन के मिलने से बनता है। यह रेसिन कम्पाउंड जो ज्यादातर स्टेच्यू बनाने के उपयोग में होता है। जोधपुर में इससे आकर्षक सजावजी आइटम बनाए जाते हैं। जो कि विदेशी बायर्स ने कॉपीराइट भी करा रखे हैं।
इकोफ्रेंडली भी
पॉलिरेसिन का काम करने वाले रमेश कुमार डडवाल ने बताया कि यह मेटेरियल इकोफ्रेंडली है। नॉन टॉक्सिक होने के साथ यह पीवीसी का विकल्प भी है। साथ ही इस पर आसानी से डिजाइन देकर स्टेच्यू तैयार किए जा रहे हैं।
जोधपुर के इन उत्पाद की डिमांड
पॉलिरेसिन से बने कई एनिमल स्टेच्यू डिमांड में है। इनको आकर्षक सजावट के बाद विदेशी मार्केट में बेचा जाता है। इसके साथ इस पदार्थ के कई सजावटी आइटम जैसे टेबल-कुर्सी, सजावटी सर्विंग ट्रे भी काफी पसंद किए जाते हैं।
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