जोधपुर में चार मेहमान पक्षियों कुरजां की संदिग्ध मौत, सुमेर तालाब के पास लावारिस हालत में मिले शव

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

नंदकिशोर सारस्वत/जोधपुर. कोरोना की दहशत के बीच विश्व पर्यटन मानचित्र पर जोधपुर को नई पहचान दिलाने वाले चार मेहमान पक्षियों कुरजां की संदिग्ध मौत हो गई। ये पक्षी चीन के मंगोलिया सहित विभिन्न जगहों से मारवाड़ खास तौर से जोधपुर जिले में खींचन व शहर के आसपास के जलाशयों पर पड़ाव डालते हैं। सोमवार को बनाड़ के निकट जाजीवाल सुमेर तालाब के किनारे लावारिश अवस्था में पड़े मिले कुल तीन कुरजां के शवों को श्वानों के झुंड ने बुरी तरह नोंच डाला।

पक्षियों की मौत का कारण मेडिकल बोर्ड की ओर से पोस्टमार्टम के बाद ही पता चल सकेगा। मृत कुरजां पक्षियों में एक पक्षी के शरीर पर रशिया का टेग लगा हुआ है। इस टेग की मॉनिटरिंग पक्षी विशेषज्ञ डॉ. ऐलिना कर रही थी। पक्षी की हरकत नहीं होने पर उन्होंने आयूसीएन सदस्य डॉ. दाऊलाल बोहरा से संपर्क किया। राजस्थान पत्रिका की सूचना के बाद हरकत में आए वन विभाग के वन्यजीव उडऩदस्ते को घटना स्थल पर रवाना किया गया। वन्यजीव चिकित्सक डॉ. श्रवणसिंह राठौड़ ने बताया कि मृत पक्षियों का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम किया जाएगा। जाजीवाल तालाब पर इन दिनों करीब तीन हजार से अधिक कुरजां डेरा डाले हुए हैं।

नवम्बर-दिसम्बर में भी हो चुकी मौत
मेहमान पक्षी कुरजां की मौत का सिलसिला नवम्बर 2019 से लगातार जारी हैं। नवम्बर में 40 कुरजां और दिसम्बर 30 कुरजां की मौत भी तालाब के किनारे हो चुकी है।

जिले में 15 हजार से अधिक कुरजां मौजूद
शीतकालीन प्रवास पर आने वाले कुरजां पक्षी अमूमन फरवरी अंत अथवा मार्च के प्रथम सप्ताह तक गंतव्य की ओर उड़ान भरते हैं, लेकिन इस बार मार्च का आधा पखवाड़ा बीतने के बावजूद 15 हजार से अधिक कुरजां खींचन सहित जोधपुर के आसपास डेरा डाले हुए है।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2Ufi774
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment