चलती गाड़ी में आग से सौन्दर्य प्रसाधन सामग्री नष्ट, हजारों का नुकसान

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भोपालगढ़ (जोधपुर) . गांव-गांव में ओडे लेकर घूमते हुए खुली दुकानें लगाकर सामान बेचने वाली कस्बे की करीब आधा दर्जन मणिहारिनों के साथ सोमवार को अजब वाकया घटित हो गया और पिक-अप गाड़ी में अपने सामान से भरे ओडे लेकर दूसरे गांव में बेचने के लिए जाते समय रास्ते में अचानक लगी आग की वजह से उनका सारा सामान जलकर राख हो गया।

इससे इन मणिहारिनों को हजारों रुपए का नुकसान भी हुआ है और जले हुए सामान को देखकर इनका रो-रोकर बुरा हाल भी हो गया। वहीं आगजनी की इस घटना के बारे में जानकारी मिलने पर कस्बे से कई ग्रामीण व मणिहारिनों के परिजन भी मौके पर पहुंचे और आग बुझाने की कवायद की। लेकिन तब तक इनका सारा सामान जलकर राख हो गया। लेकिन गनीमत रही, कि जलते सामान को ही समय पर सडक़ पर फेंक दिया गया और इस वजह से गाड़ी में होता बड़ा नुकसान टल गया।


हुआ यूं कि कस्बे के आदर्श कॉलोनी व बलदेव कॉलोनी में रहने वाली गवारिा जाति की दर्जनों मणिहारिन महिलाएं चूंडिय़ां, प्लास्टिक के खिलौने, छोटे-मोटे घरेलू सामान, काच-कंघे व महिलाओं के अण्डर गारमेन्ट्स आदि के सामान घूम-घूमकर और किसी शादी समारोह या मेलों-जलसों में खुली दुकानें लगाकर बेचने का काम करती हैं।

बिकवाली के लिए लाया गया यह सामान ये मणिहारिनें लकड़ी के मजबूत ओडे में कपड़े की गांठ बांधकर रखती है। इसके साथ ही वे यह सामान बेचने के लिए कस्बे सहित आसपास के गांवों में भी जाती है और वहां होने वाले ऐसे कार्यक्रमों के साथ ही यूं भी गली-मोहल्लों में घूम-घूमकर सामान बेचने का काम करती है।

सोमवार को भी दोपहर में कस्बे के बलदेव कॉलोनी में रहने वाली गवारिया जाति की पांच-छह मणिहारिन महिलाएं क्षेत्र के हीरादेसर, रुदिया, मैलाणा व खेड़ापा आदि गांवों में अपने ओडे का सामान बेचने के लिए किराए की एक पिकअप गाड़ी में सवार होकर निकली थीं। इस समय ये मणिहारिनें गाड़ी के कैबिन में बैठी थीं और उनके सामान से भरे ओडे पिकअप गाड़ी के पीछे वाले ट्रॉली के हिस्से में रखे हुए थे।

इस दौरान करीब डेढ़ बजे हीरादेसर रोड़ पर कस्बे के बाहर महज दो किलोमीटर की दूरी तक निकलते ही स्थित सेन्ट हरित स्कूल के पास पहुंचने पर पिकअप गाड़ी की ट्रॉली में रखे मणिहारिनों के ओडे के सामान में से आग की लपटें व धुंआ निकलने लगा। लेकिन कस्बे से करीब दो-तीन किलोमीटर दूर निकलने तक उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं मिल पाई और सेन्ट हरित स्कूल तक पहुंचने के बाद उन्हें ओडे के सामान में आग की लपटें उठती नजर आई।

इसके बाद उन्होंने हाथोंहाथ गाड़ी रोककर जलते हुए सामान से भरे ओडे नीचे उतारे। लेकिन इनमें भरी लाख व प्लास्टिक की बनी चूडिय़ों के बॉक्स सहित अधिकांश सामान प्लास्टिक व नाइलॉन का होने की वजह से बड़ी तेजी से इनमें आग फैल गई और देखते ही देखते सभी महिलाओं के ओडों में भरा सामान जलकर राख हो गया। इस हादसे में इन महिलाओं को हजारों रुपए का नुकसान हो गया।



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