एम आई जाहिर / जोधपुर ( jodhpur news ) . हमारे यहां हर खेल में खूब प्रैक्टिस और अच्छा प्रदर्शन करने वाले जोश और जुनून से भरे खिलाडि़यों के लिए खेलो इंडिया ( Khelo India ) की तरह खेलो राजस्थान ( khelo rajasthan ) मुहिम शुरू हो। उन्हें बढ़ावा देने के लिए राज्य बजट में खेल मद में बड़ी राशि का प्रावधान करने की जरूरत है। राजस्थान पत्रिका की ओर से राज्य बजट ( state budget ) पूर्व मशहूर खिलाडि़यों ( Sports News other sports hindi news ) ने पत्रिका कार्यालय में सोमवार को आयोजित टॉक शो ( talk show ) में यह बात कही। उनका कहना ( Indian sports ) था कि बरकतउल्लाह खां स्टेडियम और अशोक उद्यान में खेल गतिविधियां संचालित हों। वहीं राज्य शिक्षा विभाग केवल 19 खेलों के आयोजन करती है। जबकि स्कूल फैडरेशन ऑफ इंडिया 120 खेल करवाता है। इसलिए सरकार जब उनकी ओर ध्यान देगी तो वे अंतरजिला,अंतरविद्यालय,अंतर विश्वविद्यालय,अंतरराज्यीय, मोहन बागान, रणजी, ऑलम्पिक ( Olympics ) , एशियाड ( Asiad ) और कॉमनवैल्थ ( Commonwealth ) आदि खेल प्रतियोगिताओं ( Sports Authority of India ) में हमारे राजस्थान का नाम रोशन कर सकेंगे।
टॉक शो में रेलवे के अंतरराष्ट्रीय एथलीट जेविलियन थ्रोअर ओ पी डूडी ने कहा कि विद्यालयों मे खेल प्रशिक्षक नियुक्त करें। अंतरराष्ट्रीय एथलीट रज्जाक मोहम्मद ने कहा कि सरकारी नौकरियों में खिलाडि़यों के लिए 2 के स्थान पर 5 प्रतिशत आरक्षण हो।स्कूली सॉफ्टबॉल के अंतरराष्ट्रीय कोच शाकिर अली ने कहा कि राष्ट्रीय प्रतियोगिता में मैडल जीतने वाले विद्यार्थियों को छात्रवृति दी जाए। पंचायत मुख्यालयों पर खेल के मैदान बनाए जाएं। अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर अर्शी खानम ने कहा कि खिलाडि़यों को टीए डीए मिलना चाहिए। हर खेल कॉम्पिटिशनसे पहले कम से कम 10 दिन का राज्य कैम्प लगाया जाए। हैंडबॉल के राष्ट्रीय खिलाड़ी मोहम्मद जाकिर ने कहा कि जोधपुर-खिलाडि़यों के लिए आरक्षण कोटा बढ़े। छात्रवृति योजना शुरू करें। गांवों में शारीरिक शिक्षक व निपुण प्रशिक्षक लगाए जाएं। जिम्नास्टिक के नेशनल पदक विजेता नरेन कट्टा ने कहा कि सभी खेलों के लिए प्रायोजक की व्यवस्था करें। वहीं अच्छे खिलाडि़यों के लिए कैश प्राइज व्यवस्था को महत्व दिया जाए। नेशनल वुशु गोल्ड मैडलिस्ट चिरांगी चौहान ने कहा कि सरकार इनडोर स्टेडियम बनाए। खिलाडि़यों को टीए-डीए मिलना चाहिए। संबंधित खेलों के उपकरण उपलब्ध करवाए जाएं। खेलो इंडिया के बॉक्सिंग मैडलिस्ट सार्थक आचार्य ने कहा कि जोधपुर और उदयपुर में इनडोर स्टेडियम बनाए जाएं। शारीरिक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष हापूराम चौधरी ने कहा कि खिलाडि़यों को स्कॉलरशिप 3-4 साल बाद मिलती है, समय पर मिले। जोधपुर में खेल विश्वविद्यालय और एथलेटिक्स एकडेमी खोले जाएं। एसजीएफआई के सभी खेल स्कूली खेलों में जोड़ें। क्षेत्रीय खेलकूद प्रशिक्षण केंद्र के बॉक्सिंग कोच विक्रमसिंह आर्य ने कहा कि राजस्थान स्टेट गेम्स व नेशनल गेम्स करवाए जाएं। प्रदेश में खेल प्रशिक्षकों की ज्यादा से ज्यादा नियुक्ति की जाए। उम्मेद स्टेडियम में जिम्नास्टिक के प्रशिक्षक भवानीसिंह खंगारोत ने कहा कि राष्ट्रीय खेल करवाएं और खेलों के अभ्यास के लिए मिनी हॉल बनाए जाएं। खिलाडि़यों को प्रोत्साहन राशि समय पर दी जाए। जिला वुशू संघ के सचिव विनोद आचार्य ने कहा कि राज्य में सभी खेल सुविधाएं मिलें। जोधपुर के उम्मेद उद्यान में 'पे एंड प्ले' की तर्ज पर इनडोर स्टेडियम बनाया जाए। जिला जिम्नास्टिक संघ के सचिव नरेशसिंह चौहान ने कहा कि जिले में प्रचलित 5 खेलों को इंडस्ट्रीज को गोद दिया जाए। राज्य के हर संभाग मुख्यालय पर एक स्पोट्र्स स्कूल खोलें। जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय क्रीड़ा मंडल के सचिव अमनसिंह सिसोदिया का कहना था कि राज्य के स्कूलों, कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में नियमानुसार 80 विद्यार्थियों पर एक फिजीकल टीचर लगाया जाए। शारीरिक शिक्षक सोहनकिशन जोशी ने कहा कि राज्य के स्कूलों के लिए खेल बजट बढ़ाएं व शारीरिक शिक्षा प्रभारी बनाएं। खेल संस्थाओं में समन्वय स्थापित किया जाए।
जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के छात्र प्रतिनिधि मोतीसिंह जोधा ने कहा कि खेल अकादमी, खेल हॉस्टल सुविधा और अन्य सामग्री उपलब्ध करवाई जाए। खेल के मैदानों की मरम्मत करवाई जाए। शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि जगदीशचंद्र ने कहा कि जिला,राज्य व राष्ट्रीय स्तर खेलने वालो को दैनिक भत्ता दें। अंतरराष्ट्रीय पदक प्राप्त करने पर प्रोत्साहन राशि समय पर मिले। जिम्नास्ट प्रयाग मेहरा का कहना था कि खिलाडि़यों को टीए-डीए दें ,ताकि सभी खिलाड़ी फाइनेंस के स्तर पर तनाव मुक्त रह कर अपने खेल पर फोकस कर सके।
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