एम आई जाहिर / जोधपुर ( jodhpur news ). हर स्कूल छात्राओं को शारीरिक रूप से संबल बनाए। गांधीवादी समाजसेविका और शिक्षाविद डॉ.कविता शर्मा ( Dr Kavita sharma ) ने गल्र्स ( Girls safety ) महिला सुरक्षा ( women safety ) से जुड़े सवाल पर पत्रिका ( patrika news patrika news ) से एक भेंट ( interview ) में यह बात कही ( latest nri news in hindi ) । उन्होंने कहा कि जब हम ढलती उम्र में गैजेट्स फ्रेंडली हो सकते हैं और सोशल साइट्स पर एक्टिव रहना सीख सकते हैं तो आत्म सुरक्षा के गुर ( crime news ) क्यों नहीं सीख सकते?
डॉ.शर्मा ने कहा कि अभी कुछ अरसा पहले ही हमने गणतंत्र दिवस मनाया था और मेरे दिमाग में बार-बार दो पंक्तियां उसी दिन से कौंध रही हैं :
कैसा गणतंत्र कैसी आजादी।
जब त्रस्त है आधी आबादी।।
उन्होंने कहा कि सवाल है आधी आबादी त्रस्त क्यों है? इस समय देश में मुद्दा है महिला सुरक्षा का। आश्चर्य होता है कि क्या यह वही देश है जिसमें भास्करमती और कपिला जैसी महिला का सम्मान हुआ था। मैथिलीशरण गुप्त ने सही कहा था :
एक नहीं, दो-दो मात्राएं।
नर से नारी भारी।।
ये टिप्स ध्यान रखें
डॉ शर्मा ने कहा कि समय के साथ अब हमें अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक होना होगा। जो प्रत्येक आयु वर्ग के लिए आवश्यक है। बालिकाएं, किशोरियां, युवतियां और सभी महिलाएं ये टिप्स ध्यान रखें :
-महिलाएं साइबर सिक्योरिटी की अहम जानकारी भी प्राप्त करें।
-महिलाएं स्वयं भी जागरूक हों और दूसरों को भी जागरूक करें। क्यों कि अब जिम्मेदारी स्वयं उठाने का समय है। इसलिए आर्थिक रूप से सक्षम होने के साथ-साथ शारीरिक रूप से संबल होना आवश्यक है।
-आसपास की आपराधिक गतिविधियों के प्रति जागरुक रहें।
- इमरजेंसी नंबर फास्ट डायलिंग पर रखें।
-घर में भी सुरक्षा उपकरण रखें।
-आपातकाल होने पर तत्काल बुद्धि का उपयोग करें।
-पास पड़ोस से भी सामाजिक संबंध अच्छे रखें, ताकि आवश्यकता पडऩे पर लोग आपके काम आ सकें।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/31vR3nr
0 comments:
Post a Comment