जोधपुर ( jodhpur news.current news ) . एक कलाकार उम्रभर थिएटर करता है, बदले में आप उसे देते ही क्या हैं? मनोहरसिंह के जीवन में एक त्रासदी के सारे गुण मौजूद थे..ताकतवर आवाज खो गई उजाले में, रोशनी बन गई है धुआं। यह हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की रंग संस्था एक्टिव मोनाल कल्चरल एसोसिएशन ( Active Monal Cultural Association ) की ओर से प्रख्यात अभिनेता ( actor ) केहरसिंह ठाकुर लिखित व निर्देशित व सूचना केन्द्र परिसर स्थित मिनी ऑडिटोरियम में मंचित नाटक ( drama ) 'मैं मनोहर सिंह हूं' ( Mein Manoharsingh hoon ) का एक दृश्य था। रंग संस्था आकांक्षा संस्थान, जोधपुर की मेजबानी में नाटक ( play ) प्रस्तुत किया गया। इस एकल आत्म नाटक में ठाकुर ने मनोहरसिंह की अदाकारी को अलग अलग शेड़्स में दर्शाया तो इस शानदार पेशकश पर दर्शक उनके स्वागत में खड़े हो गए। वहीं रंगकर्मी और रंग दर्शक देर तक तालियां बजाते रहे। आलोक वस्त्र व सेट परिकल्पना मीनाक्षी और ध्वनि संचालन वैभव ठाकुर का था। अंत में डा एस एस टाक ने ठाकुर को स्मृति चिह्न दिया। डॉ विकास कपूर ने आभार जताया।
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