बीसीए होल्डर देशभर में बेच रहा था ई-टिकटिंग के सॉफ्टवेयर, आरपीएफ के हत्थे चढ़ा

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर. रेलवे के ई-टिकटिंग का अवैध कारोबार कर देशभर में सॉफ्टवेयर बनाकर बेचने वाला मास्टरमाइंड रेलवे सुरक्षा बल क्राइम ब्रांच (आपीएफ) के हत्थे चढ़ गया। आरपीएफ क्राइम ब्रांच मुख्यालय जयपुर व जोधपुर की टीमों ने गुरुवार को पाली के वीर दुर्गादास राठौड़ रोड स्थित दुकान से मास्टरमाइंड दिनेश जांगिड़ उर्फ रोशन व उसके भाई विकास को गिरफ्तार किया। दोनों को शुक्रवार दोपहर में जोधपुर में रेलवे मजिस्ट्रेट न्यायालय में पेश किया गया। जहां से मुख्य आरोपी दिनेश को 5 दिन की आरपीएफ की कस्टडी में भेजा गया जबकि उसके भाई विकास को तीन दिन की आरपीएफ की कस्टडी में भेजा गया। दिनेश ने दिल्ली, मुम्बई, बिहार, उत्तर प्रदेश, पं बंगाल, दक्षिण भारत आदि राज्यों में अवैध ई-टिकटिंग का काम करने वाले लोगों को सॉफ्टबेयर बेचे है।


एेसे आया आरपीएफ की गिरफ्त में

देशभर में ई-टिकटिंग का अवैध कारोबार कर रहे सेलर, सुपरसेलर के पीछे आरपीएफ सहित कई खुफिया एजेन्सियां लगी हुई थी। आरपीएफ मुख्यालय ने उत्तर प्रदेश के गोंडा-बस्ती से आए एक मोबाइल नम्बर जोधपुर आरपीएफ को जांच के लिए भेजे। जोधपुर आरपीएफ ने मुखबिरों से पता किया तो पाया कि यह नम्बर पिछले 6 माह सें बंद थे। आरपीएफ ने बर, ब्यावर व पाली जिले के इलाकों में घूमे, जांच की तो पता चला कि यह नम्बर पाली के दिनेश जांगिड़ के थे। आरपीएफ ने गुरुवार को दिनेश के घर दबिश तो पूछताछ की तो उसने कबूल किया कि यह नम्बर उसके है, और उसने बंद कर दिए थे।


3 सॉफ्टवेयर व 100 आइडी जब्त
आरपीएफ को कार्यवाही के दौरान मौके से अवैध टिकटिंग के तीन सॉफ्टवेयर, 100 आइडी मिली। जिसे आरपीएफ ने जब्त किया। जांच के दौरान पाया गया कि दिनेश ने पिछले एक साल में करीब 16.25 लाख रुपए के 850 टिकट बनाकर ऑनलाइन बेंचे। वर्तमान में ज्यादा प्रचलन में आ रहे रेडबुल, आइबॉल व एमगेट सॉफ्टवेयर बनाकर बेच रहा था।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2uv3gwx
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment