डॉ नितिन राजवंशी/जोधपुर. आज के डिजिटल युग में एक आम आदमी की तनख्वाह नगद की जगह बैंक खाते में जमा होती है। बाद में एटीएम से पैसे निकाल कर उनका उपयोग किया जाता है, इस तरह नियमित रूप से एटीएम कार्ड का इस्तेमाल होता है। महीने के शरुआती दिनों में एटीएम मशीन पर लम्बी कतारें इसी का उदहारण है। देखा जाए तो आज के समय में कार्ड का उपयोग एक आवश्यकता बन गया है, चाहे वो डेबिट कार्ड हो या क्रेडिट कार्ड। आज आवश्यकता है की इन काड्र्स का प्रयोग सतर्कता से किया जाए। हर कार्ड पर 16 अंको का नंबर होता है और 4 अंकों का पिन होता है जो उसकी चाबी मानी जाती हैं। जब तक 16 अंको के ताले में 4 अंकों की सही चाबी रूपी पिन नहीं लगेगा तब तक कार्ड काम नहीं करेगा।
हमें विशेषकर इस 4 अंकों के पिन को संभाल कर रखना है। यदि आपने यह नंबर किसी के साथ शेयर कर दिया तो यह आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। कार्ड चोरी से जुडी घटनाओं में अक्सर कार्ड की पहचान अथवा उस पर अंकित सूचना को चुराया जाता है। स्कीमिंग तकनीक के जरिये, हैकर द्वारा एटीएम मशीन में कार्ड डालने वाली जगह पर एक डाटा स्कीमर डिवाइस लगा दिया जाता है , जिसके कार्ड की आवश्यक जानकारी को कॉपी कर लिया जाता है। कार्ड मशीन में डालने से पहले अच्छे तरह से जांच लें की अन्य कोई उपकरण तो नहीं है।
कई बार साइबर चोरों द्वारा कैमरा लगा कर पिन नंबर लिए जाते हैं, इसलिए सदैव पिन दर्ज करते समय मशीन के की बोर्ड को हाथ से ढक लें। इससे शोल्डर सर्फिंग ( किसी के कंधे पर से झांक कर पिन देखना ) से भी बचा जा सकेगा। चिप लगे हुए कार्ड का ही प्रयोग करना बेहतर विकल्प है ,क्यों की ऐसे कार्ड की नक़ल बनाना बहुत मुश्किल है। यदि कभी भी आपसे मशीन द्वारा दो बार पिन नंबर पूछा जाए तो आप सतर्क हो जाए और ट्रांसेक्शन को तुरंत निरस्त कर दें।
ऑनलाइन खरीददारी करते समय कार्ड से जुडी जानकारियां संबधित पोर्टल पर डालनी पड़ती हैं , परन्तु इन जानकारियों को कभी भी सेव न करें जैसा की पोर्टल पर सेव करने का एक विकल्प प्रदर्शित किया जाता है। उन एटीएम मशीन का भी प्रयोग करने से बचना चाहिए जहां बहुत गंदगी हो रही हो , संभवतया ऐसे एटीएम पर कोई संबधित बैंक कर्मी बहुत दिनों से नहीं आया हो।
एटीएम कार्ड से संबधित किसी प्रकार की टेलीफोन कॉल पर विश्वास नहीं करना है और न ही अपने कार्ड से जुडी किसी भी प्रकार की जानकारी फोन पर देनी है। अगर जरा भी संदेह है तो आप अपने बैंक की निकटतम शाखा में संपर्क कर दुविधा का निवारण कर सकते है। इन सावधानियों का ध्यान रख कर कार्ड का सुरक्षित और बेख़ौफ़ होकर इस्तेमाल किया जा सकता है।
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