तांत्रिक क्रिया से गड़ा सोना निकालने का झांसा, 4.80 लाख की लगा दी चपत

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जोधपुर. व्यापार में दुगुना लाभ होने व गांव की जमीन में गड़ा सोना निकालने का झांसा देकर अहमदाबाद के दो व्यक्तियों ने सांगरिया बाइपास स्थित सब्जी विक्रेता को 4.80 लाख रुपए की चपत लगा दी। जमीन से निकले कलश में मिट्टी निकलने पर ठगी का पता लगा और बासनी थाने में दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया।

पुलिस के अनुसार मूलत: जैसलमेर के भणियाणा में चैनपुरा हाल सांगरिया बाइपास पर सोऊओं की ढाणी निवासी गणेशाराम पुत्र मानाराम जाट ने अहमदाबाद निवासी राजेश कुमार व गुरुजी नामक व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया। आरोप है कि चार माह पहले दोनों व्यक्ति उसकी सब्जी की दुकान पर आए थे। खुद को संत बताने वाले दोनों जनों ने तांत्रिक क्रियाएं करके व्यापार में दुगुना लाभ होने का झांसा दिया। बदले में ५१ हजार रुपए मांगे थे।

दुकानदार के सहमति जताने पर दोनों ने तांत्रिक क्रियाएं की। फिर उन्हें ५१०० रुपए दिए। फिर दोनों अहमदाबाद चले गए। शेष राशि देने के लिए उसे अहमदाबाद बुलाया। गणेशाराम अपने मित्र पारस के साथ अहमदाबाद गया, जहां जोधपुरिया चौराहे पर ऑफिस में दोनों को ४५ हजार रुपए दिए।

कुछ दिन बाद दोनों दुबारा दुकान आए व फिर पूजा-पाठ किए। बदले में राजेश को ग्यारह हजार दिए गए। तब दोनों ने उसे गांव की जमीन में सोने का खजाना छुपे होने की जानकारी दी। जिसे निकालने के बदले पांच लाख रुपए मांगे। इसके बाद दोनों अहमदाबाद लौट गए, जहां से बार-बार कॉल करने पर दुकानदार ने २२ नवम्बर को ४९५०० रुपए खाते में जमा करा दिए। दोनों दुकान पर आए, जहां एक लाख रुपए दिए। साथ ही पचास हजार रुपए का सामान व कपड़ा भी मंगाया। जिसे लेकर दोनों अहमदाबाद चले गए।

इसके बाद दोनों फिर दुकान आए और सोना निकालने के लिए घरवालों को गांव ले गए, जहां उन्होंने सात जगह खजाना छुपे होने की जानकारी दी। पूजा-पाठ कर तांत्रिक क्रियाएं भी की। २१ हजार रुपए लेकर दोनों अहमदाबाद चले गए। कुछ दिन बाद दोनों दुबारा आए और घरवालों के साथ गांव गए, जहां मकान में पूजा-पाठ व तांत्रिक क्रियाएं की। मकान मालिक से गड्डा खुदवाया। जिसमें एक कलश निकला। उसमें सोने के आभूषण भरे होने का झांसा दिया।

जमीन में सात जगह और सोना छुपे होने की बात कहकर पांच लाख रुपए मांगे। जिसमें से दो लाख रुपए दोनों ठग को दे दिए। फिर उन्होंने कहा कि शेष तीन लाख रुपए मिलने पर वो खुद कलश खोलेंगे। दोनों के अहमदाबाद जाने पर गांव वालों ने दोनों के ठग होने का अंदेशा जताया। तब उन्होंने कलश खोला तो उसमें मिट्टी निकली। गणेशाराम ने दोनों से बात कर रुपए लौटाने को कहा, लेकिन दोनों ने इनकार कर दिया।



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