जोधपुर. स्वच्छता के प्रहरी के रूप में अपनी पहचान बना रहे आयरलैंड टूरिस्ट कैरन रान्सले के साथ मिलकर ईदगाह क्षेत्र के लोगों ने गंदगी से अटी 188 वर्ष पुरानी एेतिहासिक ईदगाह बावड़ी की दशा सुधारने की पहल की तो चंद दिनों में ही कचरे से अटी बावड़ी का स्वरूप निखर गया। एक-दूसरे के साथ कंधे से कंधा मिलाकर उन्होंने चंद दिनों में बावड़ी में एकत्रित हो रखा कचरा बाहर निकाला। जिससे बावड़ी का पानी लोगों के काम आ सके। ज्ञात रहे कि आयरलैंड टूरिस्ट कैरन रान्सले इससे पहले भी शहर की कई बावडि़यों की साफ-सफाई का कार्य कर चुके हैं। जिससे इन एतिहासिक धरोहरों को संजोया जा सके।
ईदगाह युवा विकास समिति के शौकत अली लोहिया ने बताया कि करीब दो माह पूर्व आयरलैण्ड टूरिस्ट कैरन रान्सले ने ईदगाह युवा विकास समिति व मोहल्लेवासियों से सम्पर्क कर ईदगाह बावड़ी की सफाई की बात की थी। उन्होंने बताया था कि जोधपुर के महाराजा गजसिंह की पे्ररणा से मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट के करणीसिंह व स्वयंसेवी संस्था ग्रो संस्थान के अध्यक्ष राजेश जोशी के सहयोग से जल स्वच्छता अभियान व जल को प्रदूषित होने से रोकने, हैरिटेज बावडिय़ों को साफ करके उसके पानी को आमजन के उपयोग में लाने के लिए प्रयासरत है।
टूरिस्ट कैरन रान्सले के मार्गदर्शन में 26 जनवरी से करीब 100 फीट गहरी ईदगाह बावड़ी की साफ-सफाई का कार्य शुरू किया। जिसमें ईदगाह क्षेत्र के लोगों ने उनका साथ दिया। युवाओं ने 70 फीट से अधिक एकत्रित हो रखे पानी को तोड़कर बावड़ी में जमे हजारों टन कचरे को रात-दिन सफाई कर बाहर निकाला। क्षेत्र के युवा दिन में काम पर जाते और रात में बावड़ी की साफ-सफाई के कार्य में जुटे रहे। जिससे चंद दिनों में ही बावड़ी का स्वरूप निखर गया।
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