makar sankranti-- सूर्योदय से सूर्यास्त तक चला दान पुण्य का दौर

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर।
सूर्योपासना का पर्व मकर संक्रान्ति का पूर्व सूर्यनगरी में बुधवार को परंपरागत हर्षोल्लास के माहौल में मनाया गया। मंगलवार देर रात धनु से मकर राशि में प्रवेश करने के बाद सुबह सूर्योदय से प्रारंभ हुआ पुण्य काल का दौर बुधवार शाम तक अनवरत जारी रहा। मकर संक्रान्ति को पवित्र जलाशयों पर सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान के बाद सूर्य की उपासना की। मकर संक्रान्ति पुण्य काल के दौरान धार्मिक स्थलों में अनुष्ठान, पूजन, हवन यज्ञ, वेद पाठ, अभिषेक किए गए। महिलाओं ने परिवार की सुख समृद्धि के लिए तिल व गुड़ का दान व सामथ्र्य अनुसार तेरह तरह के गृह उपयोगी व श्रृंगार की वस्तुएं ‘तेरुण्डे’ के रूप में बांटी । सूर्यनगरी की परंपरानुसार विवाहित पुत्रियों के घर तिल से बने व्यंजनों के साथ फ ल व वस्त्र आदि सामग्री भेजी गई। ऐसी मान्यता है कि संक्रान्ति के बाद से दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती है । सर्दी का असर कम और सूर्य का ताप बढऩे लगता है ।
---
गणेश मंदिरों मे विशेष पूजा
मकर संक्रांति को इस बार बुधवार का संयोग होने से शहर के प्रमुख गणेश मंदिरों में प्रथम पूज्य भगवान गणेश को तिल के लड्डूओं का भोग लगाया गया। रातानाडा गणेश मंदिर, जूनी मंडी गुरु गणपति मंदिर, सोजतीगेट स्थित गढ़ लंबोदर आदि गणेश मंदिरों में विशेष शृंगार व पूजा की गई।
--
बज उठी शहनाइयां
मळ मास समाप्त होने के साथ ही बुधवार से शुभ मांगलिक कार्यो व विवाह आयोजनों की शुरुआत हो गई। वर्ष 2020 का पहला सावा बुधवार को नौ रेखी सावा हुआ। इसके बाद 29,30 व 31 जनवरी को भी नौ रेखी सावा होगा। आगामी फरवरी मास में 25 व 26 को भी 9 रेखी सावा है। होलाष्ठक 3 मार्च को लगने से पुन: 9 मार्च तक मांगलिक कार्य थम जाएंगे। मार्च 14 से 13 अप्रेल तक पुन: मळमास के कारण विवाह के मुहूर्त नहीं है।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/30n4OnW
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment