जोधपुर. पद्मश्री प्रोफेसर अख्तरुल वासे ने कहा कि एनआरसी, सीएए, एनपीआर से हमारा विरोध इतना ही है कि धर्म के आधार पर राष्ट्रीयता को निर्धारित नहीं किया जा सकता। निरक्षरता, साम्प्रदायिकता, असमानता, पक्षपात और बेईमानी से आजादी मांगना गद्दारी नहीं हो सकती है। प्रो. वासे यहां आदर्श मुस्लिम फ ाउन्डेशन एवं संविधान बचाओ सामाजिक समरसता बढ़ाओ समिति की ओर से कमला नेहरू नगर स्थित मौलाना आजाद कैम्पस में आयोजित विचार गोष्ठी को सम्बोधित कर रहे थे।
एनआरसी, सीएए व एनपीआर का विरोध प्रकट करने के लिए ‘साम्प्रदायिक सद्भावना सत्याग्रह’ कार्यक्रम संयोजक रामसिंह आर्य ने कहा कि सीएए व एनआरसी कानून के विरोध में जोधपुर के बाद पूरे राजस्थान में विरोध किया जाएगा। जेएनवीयू के पूर्व कुलपति प्रोफेसर बीएस राजपुरोहित ने कहा कि मोदी सरकार सिर्फ हिन्दू- मुस्लिम की राजनीति कर रही है। आदर्श मुस्लिम फ ाउन्डेशन के चेयरमैन सलीम खिलजी ने कहा कि सरकार को यह घोषणा करनी चाहिए कि जिन नागरिकों के पास वोटर कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट या कोई भी वैध दस्तावेज है उसे भारत का नागरिक माना जाए।
कार्यक्रम में अलवर विश्विद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर केडी स्वामी, प्रो. डीएस खींची, मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी के पूर्व महासचिव मोहम्मद अतीक, जेएनयू दिल्ली के प्रोफेसर भरत कुमार, समाजसेवी संदीप मेहता, गोपीकिशन सहित कई लोगों ने भी विचार रखे। विचार गोष्ठी में पूर्व डीएफ ओ इस्हाक अहमद मुगल, पूर्व आरएएस निसार अहमद, अनवर अली खान, समाजसेवी हाजी हमीमबक्ष, आर्य वीर दल के अध्यक्ष हरीसिंह आर्य, संचालक उम्मेद सिंह आर्य, जोधाणा मुस्लिम जागरूक मंच के अध्यक्ष साजिद खान सहित उपस्थित लोगों ने जनजागरण अभियान को समर्थन देने का संकल्प लिया ।
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