दुनिया के बड़े बाजारों में बढऩे लगी है जोधपुर के मिट्टी के बर्तनों की डिमांड, एक्सपोर्ट व स्टार्टअप्स का बढ़ा रुझान

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

अमित दवे/जोधपुर. जोधपुर के युवा उद्यमी देश की माटी को अपने स्टार्टअप का आधार बना रहे हैं। उद्यमियों ने मिट्टी के बर्तनों को नए रूप में देश-दुनिया के बड़े बाजारों में सफ लतापूर्वक उतार दिए है। धातुओं से बने बर्तनों से मिट्टी के बने बर्तन थोड़े महंगे हैं, लेकिन सेहत के प्रति सजग रहने वाले लोग इन्हें खरीदने से परहेज नहीं कर रहे हैं। देश के सभी महानगरों से लेकर अमरीका, दुबई, सिंगापुर, मलेशिया, न्यूजीलैण्ड सहित अन्य देशों तक निर्यात किए जा रहे हैं।

प्रेशर कुकर से डिनर सेट तक
युवा उद्यमी देवराज सोलंकी ने बताया कि गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, मप्र से मिट्टी का इंतजाम करते है। इससे प्रेशर कुकर, डिनर सेट,हॉट डोंगा, बोतल, केसरोल, दाल हांडी, वाइन कप, चाय की केतली से लेकर चम्मच, कटोरी, जग, कप-प्याली, थाली, गिलास सहित बर्तनों की पूरी शृंखला तैयार की गई है। इन बर्तनों की खूबी यह है कि इनमें खाना बनाने पर पकाए जा रहे भोज्य पदार्थ में मौजूद पोषक तत्व नष्ट नहीं होते। धातु के बर्तनों की अपेक्षा मिट्टी के बर्तन में तैयार हुए भोजन में 80 फ ीसदी तक पोषक तत्व रहते है क्योंकि ताप का प्रभाव उन पर सीधे नहीं पड़ता।

फ्रिज की कमी महसूस नहीं होने देती मिट्टी से बनी बोतल
मिट्टी से बनी बोतल 20 मिनट में पानी ठंडा कर देती है। मिट्टी से बने ये उत्पाद 80 से 900 रुपए की रेंज तक बिक रहे है। यह सभी उत्पाद ऑनलाइन पोर्टल्स पर धड़ल्ले से बिक रहे हैं। बहुत सारी ऑनलाइन पोर्टल्स इन बर्तनों को बेचकर मुनाफ ा कमा रहे हैं।

मजबूती और चमक देती है मिट्टी
राजस्थान के अलावा गुजरात और महाराष्ट्र से लाई गई काली मिट्टी बर्तनों को आकार देने में काम आती है। लाल मिट्टी से मजबूती मिलती है। बीकानेर की भूरी मिट्टी से चमक आती है। नदियों के किनारे की पीली मिट्टी भी मजबूती में इस्तेमाल होती है।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/37NTOTA
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment