नवजात बच्चों की मौत पर नहीं होनी चाहिए राजनीति

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जोधपुर. पश्चिमी राजस्थान उद्योग एवं हस्तशिल्प उद्योग 2020 में शनिवार की शाम मेला स्थल कवि सम्मेलन में ठहाकों से गूंज उठा। कार्यक्रम में आए मशहूर कवि कुमार विश्वास ने जोधपुर व राज्य की राजनीति को व्यंग के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि सत्ता की रोटी दोनों तरफ से सिकती रहनी चाहिए। जोधपुर के लोग बड़े समझदार हैं। सत्ता बदलते रहते हैं। कोटा में नवजात बच्चों को लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिए। कार्यक्रम का संचालन भी कुमार ने ही किया।

कुमार ने कोई दीवाना कहता है... सहित अपने लोकप्रिय गीत और गजलें सुनाई तो पांडाल में मौजूद लोग भी तालियों के साथ ताल मिलाने लगे।

ग्वालियर से आए कवि तेजनारायण शर्मा बेचैन ने व्यंगात्मक शैली में काला धन, बजट को लेकर कविताएं पहुंचाई। इस दौरान उन्होंने पूर्व एवं वर्तमान प्रधानमंत्री को लेकर व्यंग्य किया तो पांडाल में उत्साहित कई लोग मोदी मोदी के नारे लगाने लगे।

जग घूमिया थारे जैसा न कोई
युवा कवि पार्थ नवीन प्रतापगढ़ी ने गीत के अंदाज में ना गंगा जैसा पानी कहीं, न झांसी वाली रानी कहीं, ना पन्ना सी मर्दानी कहीं, जग गुमियां थारे जैसा न कोई सुनाया तो हर कोई वाह, वाह कर उठा। इसके अलावा जर्दे के दुष्परिणाम, बाबाओं, राजनेताओं, हिरन शिकार प्रकरण पर हास्य कविताओं, पैरोडी से लोगों को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया।

राजस्थानी में सुनाई कविता

युवा कवियत्री आयुषी ने राजस्थानी भाषा मे सोशल मीडिया को लेकर बालम म्हारो व्हाट्सएप घणो चलावे सहित जोधपुर के खान पान को लेकर भी कविताएं सुनाई।



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