शाह-गहलोत 8 किमी दूर, होता रहा सियासी शास्त्रार्थ, राजे की अनुपस्थिति की चर्चा

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

समीर शर्मा
जोधपुर। पाकिस्तान बॉर्डर के नजदीक थार में गृहमंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की राजनीति पर पूरे देश की नजर रही। जोधपुर शुक्रवार को केंद्र व राज्य की सत्ता तथा राजनिति का केंद्र बना। एक ही शहर में शाह व गहलोत के जुबानी दांवपेच से राजनीतिक काफी तेज हो गई।

 

शाह और गहलोत अलग-अलग जगह पर थे, लेकिन रैली में शाह के भाषण व कार्यक्रमों में गहलोत के बयानों से ऐसा लग रहा था मानो एक-दूसरे को जबाव दे रहे हों। शाह रैली के लिए दोपहर 2.18 बजे केशव परिसर पहुंचे तो अशोक गहलोत यहां से 8 किलोमीटर पर के.एन.कॉलेज में छात्रसंघ कार्यालय उद्घाटन के लिए पहुंचे थे। शाह ने दोपहर 2.42 से 3.15 तक संबोधित किया। इस दौरान अलग-अलग जगहों से दोनों दिग्गज राजनेताओं ने एक दूसरे पर सवाल खड़े किए और जबाव भी दिए।

 

30 मिनट में 20 बार मोदी, 17 बार कांग्रेस:
शाह ने अपने आधे घंटे के भाषण में गुणगान करते हुए 20 बार नरेंद्र मोदी का नाम लिया और 19 बार सीएए का जिक्र किया। सीएए का विरोध करने वालों की आलोचना करते हुए 17 बार कांग्रेस, 10 बार राहुल गांधी, 8 बार ममता बनर्जी सहित विभिन्न विपक्षी पार्टियों व नेताओं का नाम लेते हुए उन्हें लपेटा। गहलोत के गढ़ में हुंकार भरते हुए उन्होंने 5 बार उनका नाम लिया और चेतावनी भी दी। राजस्थान में सीएए को लागू करने से रोक कर दिखाएं। साथ ही, कांग्रेस पार्टी व पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, अशोक गहलोत, पं. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, सपा, बसपा, कम्प्युनिस्टों सहित पूरे विपक्ष पर हमला बोला।

 

राजे की अनुपस्थिति की चर्चा :

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की अनुपस्थिति की कार्यकर्ताओं में चर्चा रही। वे भाजपा के कार्यक्रमों में कम नजर आ रही हैं। हालांकि जयपुर में पिछले दिन हुए सीएए के समर्थन में हुए मार्च में शामिल थीं। भाजपा सूत्रों के अनुसार राजे शुक्रवार को राजस्थान में नहीं थीं।

 

5 जनवरी से शुरू होगा 3 करोड़ परिवारों तक जनजागरण अभियान:

शाह ने सभा में नागरिकता संशोधन विधेयक के पक्ष में समर्थन की अपील करते हुए मिस कॉल नंबर दोहराया। उन्होंने कहा कि युवाओं, अल्पसंख्यकों व अन्य वर्गों तक इस अभियान के दौरान जाकर कानून के बारे में बताया जाएगा।

 

भाजपा कार्यकर्ता इस दौरान 3 करोड़ परिवारों तक पहुंचेंगे, करीब 500 सभाएं और 250 प्रेस वार्ताएं इस दौरान की जाएगी। उन्होंने कहा कि जब सारे लोग समझ जाएंगे तब विपक्षी पार्टियों को समझ में आएगा। उन्होंने कहा कि मोदीजी तक ढेर सारे लोगों ने ढेर सारी बातें पहुंचाई है, इसलिए सभी यहां उपस्थित लोग मोदी को समर्थन के लिए मिस कॉल करें।

 

झटकों के बाद शाह का उत्साह भरने का प्रयास:
प्रदेश की राजनीति को देखते हुए शाह की रैली काफी महत्पूर्ण मानी गई। भाजपा सूत्रों के अनुसार पहले शाह की रैली जयपुर में होनी थी, लेकिन जोधपुर करने के दो कारण रहे। यहां देश के सर्वाधिक 20 हजार पाकिस्तान विस्थापित रहते हैं और गहलोत की सियासी कर्मभूमि है, यहां से कांग्रेस को चुनौती देकर कार्यकर्ताओं में जोश भरने का भी उद्देश्य पूरा हुआ। गहलोत इन दिनों केंद्र और भाजपा पर लगातार हमले कर रहे हैं। भाजपा के लिए विधानसभा, विधानसभा उपचुनाव व स्थानीय निकायों में भाजपा का गिरता प्रदर्शन भी चिंता का विषय है।

 

एक ओर से जब शाह ने कहा कि जब केंद्र सरकार पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करती है, तो कांग्रेस इसका विरोध करती है। अशोक गहलोत ने वहां कहा कि क्यों बार-बार पाकिस्तान का नाम लिया जाता है, वह हमारे लोकतंत्र की बराबरी नहीं कर सकता। लोकतंत्र में विरोध सहन करने वाले ही सच्चे सिपाही। नागरिक संशोधन विधेयक (सीएए) को लेकर शाह ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की नीति पर चलने और वोट बैंक भरने की राजनीति कर देश को बांटने के आरोप लगाए। वहीं मुख्यमंत्री गहलोत ने केंद्र सरकार पर सीएए, एनआरसी आदि विधेयक व कानून लाकर वोटों का ध्रुवीकरण कर देश को कमजोर करने के आरोप जड़े।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/37vU6xR
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment