पक्षियों की जान पर खतरा बरकरार, दूसरे दिन मिले 4 बीमार पक्षी

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पत्रिका न्यूज नेटवर्क
फलोदी. सात समन्दर पार कर प्रतिवर्ष शीतकालीन प्रवास पर आने वाले मेहमान पक्षी कुरजां के पड़ाव स्थल खीचन में पक्षियों की जान पर मंडरा रहा फूड पॉइजनिंग का खतरा अब भी बरकरार है। दरअसल मंगलवार को एक साथ 36 पक्षियों के बीमार मिलने व 4 पक्षियों की मौत हो गई थी। इसके बाद बुधवार को 4 अन्य बीमार पक्षी मिले है, जो पड़ाव स्थलों पर उड़ते हुए नीचे गिर गए। वहीं दूसरी तरफ रेस्क्यू सेंटर में भर्ती पक्षियों का मेडीकल टीम ने उपचार करके फॉलोअप लिया। जिसमें अधिकांश पक्षियों के स्वास्थ्य में सुधार पाया गया है।
4 अन्य बीमार मिली कुरजां-
पक्षी प्रेमी सेवाराम माली ने बताया कि बुधवार को भी बीमार पक्षियों के मिलने का सिलसिला जारी रहा है। आज पक्षी चुग्गाघर में 2, विजयसागर में 1 तथा गोदरली मार्ग पर 1 बीमार कुरजां मिली। जो अपने समूहों में उड़ते हुए नीचे गिर गई थी। इन सभी 4 पक्षियों को रेक्स्यू सेंटर पहुंचा दिया गया है।
मेडीकल टीम पहुंची रेस्क्यू सेंटर, किया उपचार-
मंगलवार को खीचन में उड़ते हुए गिरी कुरजां के बीमार होने के बाद शुरूआत में मौके पर उपचार किया गया था। इसके बाद आज सुबह रेस्क्यू सेंटर पहुंचकर डॉ. भागीरथ सोनी, एलएसए पवनसिंह आदि ने वहां भर्ती सभी ३६ पक्षियों का उपचार किया गया। डॉ. भागीरथ सोनी ने बताया कि आज उपचार के बाद किए गए फॉलोअप में अधिकांश पक्षियों के स्वास्थ्य में सुधार है तथा ४-५ पक्षियों की हालत नाजुक है। मेडीकल टीम द्वारा पक्षियों का बचाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आज आस-पास के किसानों को कीटनाशकों का उपयोग कम करने व छिड़काव के दौरान पक्षियों को इससे दूर रखने की अपील की गई।
चुग्गे की होगी केमीकल जांच -
डॉ. सोनी ने बताया कि चुग्गाघर में पक्षियों को डाले जाने वाले चुग्गे की केमीकल जांच के लिए वन विभाग को सलाह दी गई है। यहां से अलग-अलग ३-४ सैंपल लेकर उसकी उच्च स्तरीय लैब में केमीकल जांच करवाई जाएगी।
पोस्टमार्टम में मिले ज्वार दाने-
विशेषज्ञ वन्यजीव चिकित्सक डॉ. श्रवणसिंह राठौड़ ने बताया कि मंगलवार मृत मिले पक्षियों के शवों का मेडीकल बोर्ड के डॉ. श्रवण सिंह राठौड़, डॉ. विपिन गुप्ता, डॉ. विठलेश व्यास द्वारा पोस्टमार्टम किया गया है। पोस्टमार्टम में यह स्पष्ट है कि कुरजां की मौत जहरीले दाने से हुई है। मृत पक्षियों की आंत में खून निकला हुआ था तथा ज्वार के दाने मिले है। एक कुरजां में मूंगफली के दाने मिले है।
पानी से धोकर डाला जाए चुग्गा-
पक्षियों की मौत व बड़ी संख्या बीमार होने के बाद चिकित्सकों का कहना है कि चुग्गाघर में पक्षियों को डाले जाने वाले दाने की पहले पानी से धुलाई करनी चाहिए। इसके बाद ही चुग्गा डालना चाहिए। इससे यदि दाने पर कोई केमीकल लगा होगा तो वो निकल जाएगा तथा पक्षी सुरक्षित रहेंगे। (कासं)
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