राज्य स्तरीय Geeta contest में टेलेंट दिखाएंगे यूथ

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

एम आई जाहिर/ जोधपुर ( jodhpur news.current news ) .ध्यायतो विषयाम पुंसाम, संगस तेषू पजायते। संगास संजायते कामा कामा क्रोध अभीजायते ।। 'श्रीमद भगवद् गीता के दूसरे अध्याय के 62 वें श्लोक में कहा गया है कि क्रोध का कारण क्या है? क्या मैं अपने क्रोध को नियंत्रित कर सकता हूं। जब हम किसी चीज को प्राप्त करना चाहते हैं और उसके बारे में लगातार सोचते रहते हैं, तब उसके पाने की इच्छा बहुत बढ़ जाती है। इससे क्रोध बढ़ जाता है। अगर क्रोध को नियंत्रित करना चाहते हैं तो किसी भी चीज पर बार-बार आसक्ति के साथ सोचने पर रोक लगानी होगी। राजस्थान के युवा अब अपने श्रीमद भगवद् गीता के एेसे ज्ञान का सार्वजनिक रूप से प्रदर्शन करेंगे।

विवेकानंद जयंती, युवा दिवस और कॅरियर डे पर हरे कृष्णा मूवमेंट ( Hare krishna movement ) की मेजबानी में जयपुर, जोधपुर, कोटा, बीकानेर और उदयपुर में 12 जनवरी को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक राज्य स्तरीय गीता कॉन्टेस्ट ( state level geeta contest ) का आयोजन होगा। प्रतियोगिता की अंतिम तारीख 30 दिसंबर तय की गई है।

हरे कृष्णा मूवमेंट रातानाडा जोधपुर के समन्वयक भक्त अवतारदास और ऋषिकेशदास ने पत्रिका से एक भेंट में बताया कि आजकल की युवा पीढ़ी को धर्म और अध्यात्म की ओर उन्मुख करने के लिए यह कॉन्टेस्ट रखा गया है। आजकल की युवा पीढ़ी को धर्म और अध्यात्म की ओर उन्मुख करने के लिए यह कॉन्टेस्ट रखा गया है। प्रथम तीन विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। प्रथम विजेता को 51 हजार, द्वितीय विजेता को 21 हजार और तृतीय विजेता को 11 हजार रुपए का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। जबकि 5 से 10 विजेता प्रतिभागियों को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

वहीं प्रतियोगिता के सभी प्रतिभागियों को गीता, कैलेंडर व प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे।उन्होंने कहा कि मूवमेंट ने नर्णय किया है कि प्रतिभागियों को पहले गीता का अध्ययन करवाएंगे। इसके लिए 5 से 11 जनवरी तक स्वैच्छिक गीता ज्ञान कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2ELAtFM
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment