गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) जोधपुर नए शैक्षणिक सत्र 2020-21 से कई नए पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के साथ कोलोब्रेशन में मेडिकल टेक्नोलॉजी में पीएचडी शुरू की जाएगी। इसका सिलेबस एम्स के डॉक्टर और आइआइटी के शिक्षक मिलकर तैयार करेंगे। इसके अलावा विभिन्न विषयों में एमबीए भी शुरू किया जाएगा। इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भी नए पाठ्यक्रम लॉन्च होंगे। वर्तमान में आईआईटी में 1444 छात्र छात्राएं अध्यनरत है जिनकी संख्या अगले साल बढकऱ ढाई हजार तक पहुंच जाएगी।
वर्तमान में आइआइटी जोधपुर में सिविल इंजीनियरिंग, इन्फ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग और केमिकल इंजीनियरिंग का विभाग संचालित हो रहा है। अब स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप भी स्थापित किया जा रहा है। आगामी शैक्षणिक सत्र में सिविल और इन्फ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग के अलावा केमिकल इंजीनियरिंग और मेटेरियल इंजीनियरिंग में अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट के नए पाठ्यक्रम शुरू होंगे। आइआइटी जोधपुर ने एम्स जोधपुर के साथ एमओयू किया है। इसके अंतर्गत डॉक्टर और इंजीनियर मिलकर नए पाठ्यक्रम की रूपरेखा तैयार करेंगे।
दो टेक्नोलॉजी सेंटर खुलेंगे
वर्तमान की उभरती आवश्यकताओं और प्रौद्योगिकी की परिवर्तनशीलता के कारण संस्थान दो टेक्नोलॉजी सेंटर भी शुरू करने जा रहा है। पहला सेंटर फॉर टेक्नोलॉजी फॉर साइट एंड पॉलिसी और दूसरा सेंटर फॉर इमर्जिंग टेक्नोलॉजी फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट होगा। यह दोनों केंद्र गरीबी, भूख, सस्ती स्वास्थ्य देखभाल और राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में अनुसंधान एवं विकास कार्यों में मदद करेंगे।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में यूजी
इस साल आइआइटी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में पोस्ट ग्रेजुएशन प्रोग्राम शुरू किया था। अगले साल अंडर ग्रेजुएट प्रोग्राम में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विषय ऐड किया जाएगा। देश में वर्तमान में केवल आईआईटी हैदराबाद में ही एआई में यूजी होती है। हाल ही में आइआइटी जोधपुर में देश का सबसे तेज सुपर कंप्यूटर इसी साल स्थापित किया गया है।
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