विकास चौधरी/जोधपुर. नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में शुक्रवार को मुस्लिम समाज के विरोध प्रदर्शन के बाद मामूली बात को लेकर जालोरी गेट सर्किल पर भीड़ ने पुलिस अधिकारियों से धक्का-मुक्की और फिर पथराव कर दिया। दो कारों के कांच फोड़ दिए। उधर, प्रदर्शन पूरा होने के बाद लौटने के दौरान उत्पाती युवकों ने घंटाघर में पन्ना निवास के पास दस दुपहिया वाहनों में तोड़-फोड़ की। त्रिपोलिया में जबरन दुकानें बंद कराने का प्रयास किया गया। सामान भी बिखेर दिया गया। पुलिस, आरएसी व एसटीएफ के जवानों ने डण्डे फटकारे और सभी को खदेडकऱ स्थिति नियंत्रित की।
दरअसल, प्रदर्शन में शामिल होने के दौरान कुछ युवकों ने जालोरी गेट सर्किल में बाल मुकुन्द बिस्सा की मूर्ति पर लगे झण्डे हटाकर तिरंगा लगा दिया। पुलिस ने युवकों को सर्किल से बाहर निकाला। भाजपा के पवन आसोपा ने तिरंगे के साथ उस झण्डे को फिर से खड़ा किया। नई सडक़ पर विरोध प्रदर्शन सम्पूर्ण होने के बाद युवक घर लौटने के लिए जालोरी गेट सर्किल पहुंचे तो झण्डे को देख विरोध में उतर आए।
सर्किल के चारों तरफ भीड़ जमा हो गई और झण्डे को हटाने पर अड़ गई। पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) प्रीति चन्द्रा, एडीसीपी उमेश ओझा, कैलाशदान रतनू व अन्य अधिकारियों ने समझाइश के प्रयास किए, लेकिन भीड़ नहीं मानीं। इस दौरान कुछ युवकों ने पुलिस अधिकारियों से धक्का-मुक्की कर दी। यह देख पुलिस ने भीड़ को पीछे हटाना शुरू कर दिया। इससे अफरा-तफरी सी मच गई और भीड़ में शामिल उपद्रवियों ने शनिश्चरजी का थान, गोल बिल्डिंग व ओलम्पिक रोड से पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इससे वहां हडक़म्प मच गया। पुलिस, आरएसी व एसटीएफ का अतिरिक्त जाब्ता मौके पर पहुंचा। तीनों मार्गों पर उपद्रवियों को डण्डे फटकारकर खदेड़ा और स्थिति नियंत्रित की। खदेडऩे के दौरान गोल बिल्डिंग रोड पर दो कारों के कांच भी फोड़े गए।
पथराव के बीच सुचारू रहा यातायात
जालोरी गेट सर्किल पर तीन तरफ से पथराव होते ही एकबारगी हडक़ंप मच गया। सडक़ पर पत्थर ही पत्थर दिखाई देने लगे। इसके बावजूद सर्किल के चारों तरफ वाहनों की आवाजाही चालू रही। हालांकि माहौल तनावपूर्ण होने से दुकानें बंद हो गईं।
महिलाएं घबराईं, एक को नेता ने निकाला
पथराव के बीच दुपहिया वाहनों पर सवार कुछ महिलाएं भी भीड़ में फंस गईं। माहौल देखकर वे घबरा गईं। गोल बिल्डिंग रोड के कोने पर एक बुजुर्ग व महिला उपद्रवियों के बीच फंस गए। पुलिस ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। महिला ने पत्थर फेंकने वालों को जमकर कोसा। उधर, भाजयुमो के एक पदाधिकारी ने भीड़ में फंसी महिला को सुरक्षित जगह पहुंचाया।
क्षेत्रवासियों ने पुलिस जिंदाबाद के नारे लगाए
भीड़ को खदेडऩे के दौरान पुलिस ने आधा दर्जन से अधिक उपद्रवियों को हिरासत में भी लिया। करीब आधे घंटे में स्थिति नियंत्रित करने पर क्षेत्रवासियों ने डीसीपी प्रीति चन्द्रा व अन्य अधिकारियों को आभार जताया और पुलिस जिन्दाबाद के नारे लगाए।
जबरन दुकानें बंद कराईं, वाहनों पर पथराव
नई सडक़ पर प्रदर्शन व विरोध जताने के बाद सभी रवाना हो गए। घर लौटने के दौरान घंटाघर में पन्ना निवास दो कोठों के बीच युवकों ने सडक़ किनारे खड़े आठ-दस दुपहिया वाहनों को नुकसान पहुंचाया। पत्थर फेंक एक दुकान का कांच फोड़ दिया गया। त्रिपोलिया में जबरन दुकानें बंद कराने की कोशिश की गई। दुकानों के बाहर रखा सामान बिखेर दिया गया। इस संबंध में सदर कोतवाली व सरदारपुरा थाने में मामले दर्ज किए जा रहे हैं।
माहौल बिगाडऩे की पूर्व नियोजित साजिश
प्रदर्शन बिना किसी नेतृत्व के था। पथराव करने वाले अधिकांश युवा ही थे। पुलिस को अंदेशा है कि माहौल बिगाडऩे की पूर्व नियोजित साजिश के तहत पथराव किया गया।
वीडियोग्राफी से होगी हर उपद्रवी की पहचान
नई सडक़ तक रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन की पुलिस अनुमति के लिए आवेदन तक नहीं किया गया था। इसके बावजूद पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की पूरी तैयारी की थी। जालोरी गेट व नई सडक़ पर दोपहर से कई वीडियोग्राफर लगा दिए गए थे। जिनसे उपद्रवियों की पहचान की जा सकेगी।
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