मारवाड़ की धरती ने ओढ़ी पीली चुनरिया, जोधपुर के खेतों में लहलहाने लगी रायड़े की फसल

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मथानिया/जोधपुर. मथानिया कृषि क्षेत्र में इन दिनों रायड़े की फसल लहलहाने लगी है। मथानिया कृषि क्षेत्र के भैंसेर कोटवाली, रीनिया, किरमसरिया, खुडियाला, बड़ला बासनी, चावण्डियाली ,जुड़, राजासनी, थोब, रायमलवाड़ा, जाटीपुरा समेत तीन दर्जन गांवों मे हजारों हेक्टेयर भू-भाग पर रायड़े की फसल की बुवाई की गई है। बुवाई के बाद से मौसम की अनुकू  लता के चलते रायड़े की फसल लहलहाने लगी है। रायड़े के पौधों की वृद्धि, फैलाव, टहनियों पर पीले-पीले फूलों की भरमार के चलते धरती ने पीली चादर ओढ़ ली है। इस वर्ष बाजार मे रायड़े की उपज के भाव भी बढ़े है। रायड़े के बाजार भाव 40-42 रुपए प्रति किलो है। प्रगतिशील कृषक भंवराराम जाखड़ ने बताया कि इस वर्ष मौसम की अनुकू  लता कायम रही तो रायड़े की बम्पर पैदावार होगी।

तिल व जीरे के भावों में तेजी
मथानिया कृषि उपज मण्डी में खुली बोली में जीरे के भावों में तेजी आई। यहां मंडी में जीरा 15500 रुपए प्रति क्विंटल की दर से बिका। वहीं लहसुन के भाव 100 रुपए प्रति क्विंटल रहे। मथानिया कृषि मण्डी व्यापार संघ के कुनाराम देवड़ा ने बताया कि मथानिया कृषि मण्डी में शनिवार खुली बोली में जीरा 15500 रुपए प्रति क्विंटल की दर से बिका। मण्डी में लहसुन 100 रुपए प्रति किलो, मूंग 60-65 रुपए ,मोठ 48-50 रूपए ,ग्वार 37-38 रुपए प्रति किलो की दर से बिका। मण्डी में शनिवार को खुली बोली में तिल 102 रुपए प्रति किलो की दर से बिके। देवड़ा ने बताया कि मथानिया मण्डी में 1 जनवरी से किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए व्यापार संघ की ओर से इनामी कुपन योजना चालू की जाएगी।



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