बेलवा (जोधपुर) . गांवों की सरकार के लिए आरक्षित सीटों के बाद मतदान तिथियों की घोषणा के साथ ही चुनावी शंखनाद बज गया है। अगले माह राज्य में तीन चरणों में होने वाले पंचायतीराज चुनाव में सरपंच का सपना संजोने वालों ने मतदाताओं की मान मनुहार शुरू कर दी है।
गांव के लोगों ने उम्मीदवारी का जुगाड़ बैठाना शुरू कर दिया है। गांवों में जातिगत समीकरणों के साथ ही रूठो को मनाने व विरोधियों में घुसपैठ हो रही है। अब गांव के लोग घर आंगन, गली मोहल्ले व चौपाल पर चुनावी जाजम पर चर्चा करते हुए नजर आ रहे हैं। ग्रामीण विगत कार्यकाल की समीक्षा करने के साथ ही आगामी चुनाव में अपने पसंदीदा प्रत्याशी को चुनने की बातें करते नजर आ रहे हैं। गौरतलब है कि राज्य में सरपंच चुनाव 17, 22 व 29 जनवरी हो होने है।
सोशल मीडिया पर सरपंचाई
सरपंच चुनाव को लेकर पुराने समय में जहां लोग एक जगह पर इक्कठा होने के साथ ही मौजिज व्यक्तियों की सहमति पर सरपंच का निर्विरोध चुनाव करते थे। अब बदले जमाने के साथ ही सरपंच पद की दावेदारी करने का तरीका भी बदल गया है।
सरपंचाई का सपना संजोए लोग सोशल मीडिया के जरिए प्रचार में जुटे हुए हैं। अपने प्रत्याशी के समर्थन में युवा फेसबुक, व्हाट्सएप व टिकटोक जैसे नेटवर्क पर समर्थन की अपील कर रहे हैं,तो सरपंच प्रत्याशी व समर्थक लाइव के जरिए गांव के लोगों से जुड़ रहे हैं।
अफीम व डोडा पोस्त की मनुहार
कई सरपंच प्रत्याशियों ने मतदाताओं को रिझाने के लिए डोडा -पोस्त व अफीम की मनुहार शुरू कर दी है। जिससे नशेड़ी लोगों की मौज हो गई है।
पंचायतों में धन्यवाद सभाएं
सरपंच कार्यकाल पूर्ण होने के बाद आगामी चुनाव में स्वयं या अपने पक्ष का सरपंच चुनने के लिए वर्तमान सरपंच गांवों में धन्यवाद सभाओं का आयोजन कर रहे हैं। जिसमें विगत पांच वर्षों में कराए गए विकास कार्यों का ब्यौरा पेश करने के साथ ही रुके या अपूर्ण कार्यों को आगामी समय में पूर्ण करवाने को लेकर ग्रामीणों को आश्वत करते नजर आ रहे हैं। कई धन्यवाद सभाओं में सरपंच ग्रामीणों को लड्डू भी बांट रहे हैं।
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