जोधपुर. पुलिस उप महानिरीक्षक (कार्मिक) राजेन्द्रसिंह ने गुरुवार को राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) का वार्षिक निरीक्षण कर अपराधिक गतिविधियों की रोकथाम और अपराधियों की धरपकड़ के निर्देश दिए। डीआइजी सिंह ने पुलिस अधीक्षक (जीआरपी) ममता राहुल के साथ वृत्त और थानाधिकारियों की बैठक में अपराधों का विश्लेषण किया। इसमें पाया कि जीआरपी में अधिकांश अपराधिक वारदातें हरियाणा, मध्यप्रदेश व उत्तर प्रदेश जैसे सीमावर्ती राज्यों के बदमाश कर रहे हैं।
उन्होंने सक्रिय गैंगों के गुर्गों पर विशेष निगरानी रखने और मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए ट्रेनों में गश्त को और अधिक प्रभावी करने पर बल दिया। जहरखुरानी रोकने के लिए भी व्यापक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। डीआइजी ने वृत्ताधिकारी कार्यालय व रेलवे स्टेशन जीआरपी थाने का निरीक्षण कर अपराधिक रिकॉर्ड, मालखाना, बैरिक, मैस व हवालात के बारे में भी जानकारी लेने के साथ सीएलजी सदस्यों की बैठक भी ली।
पुलिस व अपराधियों की मिलीभगत की शिकायत के लिए एक और सैल गठित
पुलिस कमिश्नरेट के पूर्वी जिले में भी पुलिस व अपराधियों की मिलीभगत की शिकायत के लिए गुरुवार को गोपनीय सैल गठित कर व्हॉट्सएेप नम्बर व ई-मेल आईडी जारी की गई है। पुलिस उपायुक्त (पूर्व) धर्मेन्द्रसिंह के अनुसार पुलिस अधिकारी व जवानों के अपराधिक प्रवृत्ति वाले लोगों से मिलीभगत रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (पूर्व) के नेतृत्व में गोपनीय सैल का गठन किया गया। एेसे अधिकारी व जवानों के बारे में शिकायत के लिए व्हॉट्सएेप नम्बर 8764519201 और ई-मेल आइडी जारी की गई है। कोई भी व्यक्ति कमिश्नरेट के पूर्वी जिले के किसी भी अधिकारी व जवान के अपराधिक गतिविधि या अपराधी से मिलीभगत की शिकातय कर सकेंगे। साथ ही डीसीपी पूर्व ऑफिस में शिकायत पेटिका भी लगाई गई है।
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