सर्दियों में ग्रामीण महिलाएं मिलकर बनाती है ये खास देशी रेसिपी!

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

बेलवा (जोधपुर). पुराने समय में दाल की बडिय़ां घर पर ही बनाते थे, क्योंकि बाजार में ये बडिय़ा नहीं मिला करती थी। वहीं अब बाजारों में भी ये देशी बडिय़ां के नाम से बिक रही है हालांकि उनकी गुणवत्ता घर में बनी बडिय़ों जैसी नहीं होती है। वहीं आज भी गांवों में देशी बडिय़ां बनाने की परंपरा कायम है।

सर्दियों के दिनों में ग्रामीण महिलाएं समूह में एक दूसरे घर में मूंग दाल को भिगोकर उसे धोकर बाद में उसे हल्की मोटी पीसकर चारपाई पर चुनरी बिछाकर देशी स्वादिष्ट बडिय़ां बनाती है।

उसके बाद कुछ दिन तक सूरज की धूप में बडिय़ों को सुखाया जाता है। अच्छी तरह से सूख जाने के बाद उन बडिय़ों को डिब्बों में पैक कर घर पर रख लेते है, जिसका वर्षभर सब्जी बनाने में उपयोग लेते है।

हालांकि बरसात के दिनों में या आकाश में बादल छाये रहने से बडिय़ों के खराब होने का खतरा रहता है। क्षेत्र के एक गांव में समूह में प्राचीन रीति रिवाज के साथ देशी बडिय़ां तैयार करती ग्रामीण महिलाएं।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2EWKuQd
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment