जोधपुर. मैडम, यौन शोषण क्यों होता है? हम कैसे इसे रोक सकते हैं, यदि हमारे परिवार में लडक़े नहीं होंगे तो हमारी पीढ़ी आगे कैसे बढ़़ेगी। सर, हम अपनी बढ़ती आबादी को कैसे नियंत्रित कर सकते हैं और किशोरों का इसमें रोल क्या है? इस तरह के सवाल आज के किशोर जानना चाहते हैं? ये प्रश्न एम्स के डॉक्टरों की टीम से टीनएजर्स पूछ रहे हैं। एम्स जोधपुर की ओर से इन दिनों किशोरावस्था के बच्चों को यौन शोषण व लडक़े-लड़कियों के भेदभाव मिटाने के लिए जानकारियां दी जा रही है।
एम्स जोधपुर की गायनी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रतिभा सिंह और एकेडमिक डीन डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि एम्स जोधपुर किशोरावस्था में बच्चों को स्वास्थ्य के साथ अन्य बातों में भी सक्षम बनाने के लिए कार्य कर रही है। इस कार्यक्रम की शुरुआत मार्च और अप्रेल में शिक्षकों के वर्कशॉप के जरिए की गई थी।
लिंगानुपात के बारे में समझा रहे चिकित्सक
शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. कुलदीपसिंह ने बताया कि पोषण के अभाव में शरीर में कई बच्चों के खून की कमी हो जाती है। कम उम्र में मां बनने पर बच्चा भी कमजोर होता है और संक्रमण का शिकार होता है। कमजोर बच्चे कौशल विकास में बाधा बनते हैं। ये बातें भी चिकित्सक वर्कशॉप में समझाते हैं। साथ ही बच्चों को लड़कियों की घटती संख्या व लिंगानुपात के बारे में बताया जाता है।
वर्कशॉप में पर्चियों पर पूछते हैं बच्चे प्रश्न
इन वर्कशॉप में बच्चे चिकित्सकों से गुलाबी व नीली पर्चियों पर प्रश्न पूछते है। एक मोबाइल एप के जरिए भी जानकारी साझा की जाती है। जो बिलकुल नि:शुल्क होती है। यह अनूठी पहल कनाडा के स्टार्स इन ग्लोबल हेल्थ के सहयोग से की जा रही है। इस कार्यक्रम में डॉ. नरेश नेभनानी, डॉ. चारू, डॉ. तनु, डॉ. एलिजा मित्तल, डॉ. अभिषेक भारद्वाज, डॉ. शिल्पी दीक्षित, डॉ. पंकज भारद्वाज,डॉ. पीपी शर्मा, भूपेन्द्र व काइमा सहयोग दे रहे हैं।
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