राष्ट्रपति कोविंद ने जगाई राजस्थानी को मान्यता मिलने की उम्मीद, कहा कोर्ट का निर्णय स्थानीय भाषा में हो प्रकाशित

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जोधपुर. आम जनता समझ सके इसलिए हिंदी में बात कर रहा हूं। कोर्ट आदि संस्थानों को अपने निर्णय स्थानीय भाषा में प्रकाशित करने चाहिए। जिससे आम लोगों को समझ में आ सके। मैं भी इसलिए हिंदी में बात कह रहा हूं जिससे आमजन समझ सके। यह कथन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राजस्थान हाईकोर्ट के उद्घाटन समारोह के अवसर पर कहा। इससे राजस्थानी भाषा की मान्यता मिलने की उम्मीद जगी है। दोपहर एक बजने पर कोर्ट का लंच समय बीत जाने पर राष्ट्रपति ने कहा यह दिन महत्वपूर्ण है। इससे पहले किसी न्यायिक समारोह में इस प्रकार का जनसमूह पहले नहीं देखा।

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उन्होंने हाईकोर्ट के नए भवन के लिए कहा कि यह बिल्डिंग धरोहर बनेगी। न्याय का यह मंदिर तकनीक से लैस है और यहां पालना गृह आदि सुविधाएं होने से महिला अधिवक्ताओं को सहूलियत होगी। उन्होंने महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि सत्य हमारा आधार है। साथ अपने वकालात के दिनों को भी याद किया। इसके जिक्र के साथ बार बेंच के साथ सामंजस्य की बात कही।

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राज्यपाल ने की जोधपुर की तारीफ
वहीं अपने उद्बोधन में राज्यपाल ने कहा कि जोधपुर शहर सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यहां का जोधपुर कोट और मिठाइयां लाजवाब हैं। हाईकोर्ट का यह नया भवन मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध 64 योगिनी मंदिर की याद दिलाता है। उम्मीद है कि यह भवन न्याय के आदर्शों को पूरा करेगा। मेरी आशा है कि न्याय व्यवस्था सभी के लिए सुलभ हो सके।



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