जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट के नए भवन को निर्माण के अंतिम दौर में उदघाटन के लिए तैयार करने में वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश तथा राजस्थान के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एस.रविंद्र भट्ट के योगदान को नहीं भुलाया जा सकता। भट्ट ने भवन को तकनीकी रूप से और उन्नत करने में अहम भूमिका निभाई। जैसा कि स्वयं रजिस्ट्रार जनरल सतीश कुमार शर्मा ने कहा, देश की शीर्ष अदालत के न्यायाधीश भट्ट ने अपने कार्यकाल में इस भवन को उद्घाटन के लिए तैयार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
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यही नहीं, उद्घाटन के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को न्यौता देने भी वे ही वरिष्ठ न्यायाधीश संगीत लोढ़ा के साथ दिल्ली गए थे। इसके तुरंत बाद उन्हें सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त कर दिया गया। राजस्थान हाईकोर्ट से अपने विदाई रेफरेंस में उद्बोधन की आखिर में भट्ट ने यही संकेत दिए थे-अलविदा मत कहिए, जल्द मिलेंगे यह कहिए।
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यह शनिवार को साक्षात हो जाएगा, जब उनके कर्मयात्रा का एक अहम अध्याय कल लोकार्पित होगा। रजिस्ट्रार जनरल ने कहा कि भवन का भूमि पूजन तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश एसएन झा के वक्त हुआ था। उनके बाद सभी मुख्य न्यायाधीशों के कार्यकाल में भवन निरंतर पूर्णता की ओर अग्रसर रहा। राजस्थान में कार्यरत सभी न्यायाधीशों ने इस भवन को साकार करने में अपना सहयोग दिया है।
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