जयपुर के सूफियान खान निर्देशित नाटक बीवियों का मदरसा का मंचन

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जोधपुर ( jodhour news.hindi news ) . एक साहब अमीर हनीफ मोहम्मद का यह मानना था कि पूरी औरत जात बेईमान है और पत्नियां पतियों के प्रति वफादार नहीं होतीं। जनाब ने इसी वजह से आज तक शादी नहीं की। अपनी इस धारणा के वशीभूत हो कर वे तय करते हैं कि अपनी पत्नी को अपने हिसाब से ट्रेंड करेंगे। वे कतूल बेग बन कर एक बच्ची हुस्नआरा को अपने नौकरों की देखरेख में वफादारी और ईमानदारी की ट्रेनिंग देते हैं कि बाद में उससे शादी करेंगे। कई नाटकीय मोड़ के बाद होता यह है कि वह लड़की एक नौजवान गुलफाम से प्यार कर बैठती है और जनाब का सपना टूट जाता है। यह एक हास्य नाटक का दृश्य था।

यह राजस्थान संगीत नाटक अकादमी ( rajasthan sangeet nakat academy ) की ओर से आयोजित ओमशिवपुरी स्मृति नाट्य समारोह ( omshivpuri memorial drama festival ) के दौरान मौलियर लिखित व जयपुर के सूफियान खान निर्देशित नाटक बीवियों का मदरसा का दृश्य था। नाटक के चुटीले संवादों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। सचिव एनएन बैरवा ने कलाकारों का स्वागत किया।

पर्दे पर नजर आए
हनीफ मियां कतलू बेग के रूप में विनोद सोनी और हुस्नआरा के किरदार में इशिता सिंहनवाल ने अदाकारी की। वहीं गुलफाम के कैरेक्टर में गौरव निर्वाण ने अभिनय किया। मुराद की भूमिका में विकास यादव खूब जमे। सुल्तान के किरदार में नरेश प्रजापत, कम्मो की भूमिका में गरिमा चौधरी खूब जमीं। जबकि शाहरुख भाई के रूप में रोहित और शौकत अली की भूमिका में अजय रस्तोगी ने अदाकारी की। जबकि शराबी के रूप में विकास मीना ने अभिनय किया।
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पर्दे के पीछे
नाटक के कलाकारों का असलम पठान ने मेकअप किया। जबकि प्रकाश व्यवस्था योगेश पटेल की थी। संगीत प्रदीप सोलंकी का था तो सेट डिजाइनिंग रंग जुम्बिश टीम ने की। यहां कैमरे की जिम्मेदारी मुकुल ने निभाई।



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