जोधपुर.
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने जोजरी नदी में औद्योगिक इकाइयों से हो रहे प्रदूषण के मामले में इसरो नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर के जनरल मैनेजर को तलब किया है।
एनजीटी ने गत 2 अगस्त को दिए आदेश में जोजरी नदी, आसपास के नालों व खुली जमीन में औद्योगिक इकाइयों की ओर से निस्तारित किए जा रहे अनुपचारित पानी की एरियल फोटोग्राफी के लिए इसरो को निर्देश दिए थे। जिस पर इसरो ने 23 अगस्त को रिपोर्ट पेश की थी। इस संबंध में पूरी जानकारी के लिए इसरो के जनरल मैनेजर को अगली सुनवाई में पेश होने के आदेश दिए हैं।
हजार इकाइयों का निरीक्षण, केवल 42 सीज
सेंट्रल ग्राउंड वाटर ऑथिरिटी (सीजीडब्ल्यूए) ने सुनवाई के दौरान रिपोर्ट पेश कर बताया कि उनकी ओर से अब तक हजार इकाइयों का निरीक्षण किया गया। इनमें से 42 इकाइयों को अनुपचारित पानी डिस्चार्ज करने के आरोप में सीज कर दिया गया है। इस पर एनजीटी ने सीजीडब्ल्यूए को बाकी इकाइयों का एक माह में निरीक्षण कररिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए। साथ ही सीजीडब्ल्यूए को निर्देश दिया कि अवैध पाई गई इकाइयों पर राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को अवगत कराएं ताकि वह इन पर नियमानुसार कार्रवाई करे।
एसटीएफ को दिए रिपोर्ट पेश करने के आदेश
सुनवाई के दौरान स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की ओर से 24 नवंबर तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट पेश की गई। इस पर एनजीटी ने एसटीएफ को पूर्ण कार्रवाई की रिपोर्ट अगली सुनवाई तक पेश करने के आदेश दिए। साथ ही राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को अवगत कराने के निर्देश दिए जिससे वह पर्यावरण कानून भंग के मामले में संबंधित इकाइयों पर कार्रवाई कर सके। मामले की अगली सुनवाई 15 जनवरी को होगी।
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