जोधपुर. जैसलमेर, बीकानेर और बाड़मेर बॉर्डर के समीप थार, नारा व चोलिस्तान रेगिस्तान में टिड्डी पालना अब पाकिस्तान को भारी पड़ गया है। हवा की दिशा उत्तरी-पूर्वी होते ही करोड़ों टिड्डी सिंध प्रांत पहुंच गई। सिंध की राजधानी कराची में टिड्डी के बादल नजर आ रहे हैं। सिंध के मंत्री मोहम्मद इस्माइल की सलाह पर लोग टिड्डी की बिरयानी कढ़ाई चिकन की जगह कढाई टिड्डी बनाकर खा रहे हैं।
पाकिस्तान के शहरों में बलूचिस्तजान के तटीय इलाकों से भी टिड्डी पहुंचना जारी है। एयरक्राफ्ट होने के बावजूद पाकिस्तान टिड्डी को नियंत्रित नहीं कर पाया। जबकि भारत ने केवल चार पहिया वाहनों से ही टिड्डी नागौर से आगे बढऩे नहीं दी। पाकिस्तान बॉर्डर से जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर में भी बड़े टिड्डी दल लगातार आ रहे हैं लेकिन भारत की पुख्ता तैयारी के आगे टिड्डी को थार में ही जमींदोज किया जा रहा है।
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कायदे-आजम ट्रॉफी का मैच रुका
कराची में टिड्डी के तूफान के समय वहां कायदे आजम ट्रॉफी मैच के तहत सिंध प्रांत और उत्तर प्रांत के मध्य क्रिकेट मैच चल रहा था। टिड्डी मैदान में घुसने से मैच रोकना पड़ा। गौरतलब है कि टिड्डी के एक दल में एक लाख से 1 अरब तक टिड्डी हो सकती है जो एक दिन में 200 टन अनाज चट कर सकती है। एक दिन में टिड्डी दल 150 किलोमीटर की दूरी तय करता है।
टमाटर न सही, टिड्डी खाओ
मंत्री इस्माइल ने पाकिस्तान में टमाटर के भाव 200 रुपए किलो पहुंच जाने पर क्षेत्रवासियों को टिड्डी खाने की सलाल दी है। थार जिले के चचराओ क्षेत्र में एक रेस्तरां ने तो टिड्डी परोसनी भी शुरू कर दी। टिड्डी में विटामिन अधिक होता है।
अब पछता रहे
पाकिस्तान ने पूरी ताकत के साथ टिड्डी नियंत्रण अभियान नहीं चलाया, लिहाज अब उन्हें भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। पाकिस्तान के भीतरी शहरों में टिड्डी चली गई है, जबकि हमनें नागौर तक ही टिड्डी रोक दी।
डॉ. केएल गुर्जर, उप निदेशक, टिड्डी चेतावनी संगठन जोधपुर
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