स्टोरी : नंदकिशोर सारस्वत/फोटो : मनोज सैन/जोधपुर. तापमान में गिरावट के साथ ही माचिया जैविक उद्यान के पिंजरों और एन्क्लोजर्स में रहने वाले विभिन्न प्रजातियों के तीन सौ से अधिक वन्यजीवों की दिनचर्या भी बदल गई है। लायन जीएस और आरटी तथा भालू धर्मेन्द्र और मीना भी सूर्योदय के बाद अधिकांश समय एन्क्लोजर में धूप का सेवन करते हैं।
[MORE_ADVERTISE1]मगरमच्छ और घडिय़ाल भी अधिकांश समय पौण्ड (जलकुंड) के बाहर धूप का सेवन करते नजर आने लगे हैं। हिमालयन भालू ‘मीना’ और ‘धर्मेन्द्र’ के साथ बोनट व रेसिस बंदर की जलक्रीडा करने वाले पक्षियों के साथ अठखेलियां थम गई हैं। समूह में विचरण करने वाले ब्लेक बक, चीतल व चिंकारे भी धूप निकलने के बाद ही कुलांचे भरते नजर आने लगे है।
[MORE_ADVERTISE3]
वन्यजीवों को सर्दी से बचाव के लिए माचिया जैविक उद्यान प्रशासन ने बब्बर शेर के जोड़े जीएस और आरटी सहित टाइगर जोड़ा एंथोनी-अंबिका, पैंथर के कुनबे और हिमालयन भालू के लिए शेल्टर हाउस में हीटर व पर्दे और विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों के लिए पर्दे के इंतजाम किए गए है।
डाइट चार्ट में बदलाव
वन्यजीवों को ठंडी हवाओं के साथ सर्दीजनित रोगों से बचाने के लिए डाइट में भी आंशिक बदलाव किया गया है। डाइट चार्ट के मेन्यू में भालू के लिए शहद और लॉयन, पैंथर व बब्बर शेर को नियमित दी जाने वाली डाइट में बढ़ोतरी की जाएगी। पक्षियों को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली मल्टी विटामिन सिरप के साथ नियमित खुराक में लहसुन व अदरक भी शामिल किया गया है।
- डॉ. श्रवणसिंह राठौड़, वन्यजीव चिकित्सक, माचिया
जैविक उद्यानपर्दे व हीटर का इंतजाम
वन्यजीव चिकित्सक के परामर्श अनुसार पक्षियों को पानी के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली मल्टी विटामिन सिरप के साथ नियमित खुराक में लहसुन व अदरक भी शामिल किया गया है। पिंजरों और एन्क्लोजर्स की सुरक्षा में लगे केयरटेकर व वनकर्मियों को वन्यजीवों को सर्दी से बचाने के लिए विशेष हिदायत दी गई है।
- अशोकाराम पंवार, क्षेत्रीय वन अधिकारी माचिया जैविक उद्यान जोधपुर
माचिया जैविक उद्यान में आकर्षक वन्यजीव एक नजर में
रींछ-2
हिमालयन भालू-2
भेडि़ए-4
सियार-4
पैंथर-5
बंदर-8
टाइगर-2
लॉयन-3
जंगली लोमड़ी-3
ब्लेक बक-32
चिंकारा-16
चीतल-30
घडिय़ाल-5
मगरमच्छ-1
पेलिकन-2

from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2CMrm6E
0 comments:
Post a Comment