गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. आश्चर्यजनक रूप से टिड्डी ने भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर विंटर ब्रीडिंग शुरू कर दी है। पाकिस्तान की तरफ से अण्डे से हॉपर्स निकलकर बड़ी संख्या तारबंदी के नीचे से होकर भारत की तरफ आ रहे हैं। बीएसएफ की कई बीओपी (बॉर्डर आउट पोस्ट) हॉपर्स से घिर गई है। यहां तक की मुनाबाव रेलवे स्टेशन के आसपास बड़ी संख्या में हॉपर्स हो गए। टिड्डी को खत्म मान चुके भारत के टिड्डी चेतावनी संगठन (एलडब्ल्यूओ) के अधिकारियों को एक बार फिर से बड़े पैमाने पर टिड्डी के खिलाफ हमला बोलना पड़ा है।
सामान्यत: इन दिनों लाल सागर के दोनों और बसे देशों मिश्र, सूड़ान, सऊदी अरब, जॉर्डन, यमन, इरिट्रिया जैसे देशों में टिड्डी विंटर ब्रीडिंग करती है। भारतीय उप महाद्वीप में लगातार तीन चक्रवात आने, हवा की दिशा नहीं बदलने और पाकिस्तान द्वारा बॉर्डर के पास टिड्डी नियंत्रण अभियान नहीं चलाने की वजह से पाकिस्तान की तरफ थार में टिड्डी दल ने बड़े पैमाने पर अण्डे दे दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान जान बूझकर टिड्डी पाल रहा है। उनके अंडे नष्ट नहीं कर रहा।
संयुक्त राष्ट्र संगठन (यूएनओ) के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के बैनर तले भारत-पाक के टिड्डी अधिकारियों की बैठक 21 नवम्बर को खोखरापार में होनी है , लेकिन पाकिस्तान टालमटोल कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान के प्लांट प्रोटक्शन विभाग के तकनीकी निदेशक डॉ तारिक मोहम्मद खान ने भारतीय अधिकारियों को फोन करके अन्य काम से देश से बाहर जाने की बात कही है और उनके अलावा अन्य अधिकारी के बैठक में शामिल होने की उम्मीद नहीं है। गत 17 अक्टूबर मुनाबाव में बैठक के दिन पाक रेंजर्स ने शाम तक बॉर्डर के दरवाजे तक नहीं खोले और बैठक रद्द करनी पड़ी थी। इस पर यूएनओ ने नाराजगी भी जताई थी।
बड़े टिड्डी दलों ने किया हमला
पिछले एक सप्ताह में बाड़मेर, जैसलमेर और बीकानेर क्षेत्र में कई टिड्डी दलों ने एक साथ हमला किया। एलडब्ल्यूओ के अधिकारी व कार्मिक टिड्डी का मौसम खत्म होने का समझकर रीलिव होकर अपने-अपने घर जाने की तैयारी कर रहे थे लेकिन एकदम से फिर से टिड्डी आने से उन्हें स्प्रे माउंटेड गाडिय़ों के स्टीयरिंग फिर से थामने पड़े। बहुत बड़े स्तर पर फिर से पेस्टिसाइड का स्प्रे किया जा रहा है। करीब 100 कार्मिक दिनभर टिड्डी से निपट रहे हैं।
विश्व में भारत-पाक बॉर्डर पर गंभीर स्थिति
खाद्य एवं कृषि संगठन के ताजा बुलेटिन के अनुसार पूरे विश्व में इस समय भारत-पाक बॉर्डर टिड्डी की स्थिति चिंताजनक है। विंटर ब्रीडिंग का समय होने से यमन, इथोपिया, इरिट्रिया में बड़े पैमाने पर टिड्डी बैठी है। अल्जीरिया, मोरिटिआना, नाइजर, मोरक्को में वयस्क टिड्डी बड़े स्तर पर है। सऊदी अरब, ओमान व ईरान कुछ टिड्डी है।
हमें वापस काम पर लगना पड़ा
पिछले सप्ताह टिड्डी का बड़े पैमाने पर हमला हुआ था, जिसके कारण हमें वापस पूरी ताकत के साथ टिड्डी से जूझना पड़ा। उम्मीद करते हैं अगले एक सप्ताह में स्थिति ठीक हो जाएगी।
डॉ केएल गुर्जर, उप निदेशक, टिड्डी चेतावनी संगठन जोधपुर
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