पीपाड़सिटी (जोधपुर) . उपखंड क्षेत्र में फि टनेस की सुविधा नहीं होने के कारण बीमार वाहन सडक़ों पर दौड़ हादसों को न्यौता दे रहे हैं।
यहां संचालित निजी फिटनेस केंद्र को बंद कर दिया गया है और परिवहन निरीक्षक के भी वाहन फिटनेस के प्रमाण पत्र जारी करने के अधिकार पर भी रोक लगी हुई है।
पीपाड़सिटी परिवहन निरीक्षक के क्षेत्राधिकार में बिलाड़ा, भोपालगढ़ व पीपाड़ सिटी उपखंड क्षेत्र शामिल हैं लेकिन लघु व भारी वाहनों की फि टनेस जारी नहीं होने से राज्य सरकार को प्रति माह लाखों की राजस्व हानि हो रही हैं। अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं और वाहन चालक अपने वाहनों की फि टनेस कराने के लिए चक्कर काट रहे हैं।
निजी फिटनेस केंद्र बंद
वाहनों की बड़ी संख्या को देखते हुए पीपाड़सिटी परिवहन निरीक्षक को वाहन फि टनेस प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार था। इसे गत भाजपा सरकार ने रोक लगाते हुए निजी फि टनेस केंद्र को ये अधिकार दे दिया और पीपाड़सिटी में ही फि टनेस केंद्र खोल दिया, जिसे गत सप्ताह राज्य सरकार ने बंद कर दिया।
इस कारण क्षेत्र के बोरुंदा, खारिया खंगार ,खवासपुरा, आसोप,खारिया मीठापुर जैसे प्रमुख गांवों से एक सौ किमी और बिलाड़ा,पीपाड़सिटी,भोपालगढ़ से सत्तर से अस्सी किमी दूर जोधपुर के निजी फि टनेस केंद्र जाना पड़ता है।
फिटनेस के अभाव में परेशानी
एम वी एक्ट में वाहन की प्रति वर्ष फिटनेस करा कर वैधानिक प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य है। इसके अभाव में परिवहन विभाग पांच हज़ार तक का चालक पर जुर्माना लगा देता हैं, वहीं सडक़ दुर्घटनाओं के मामले में वाहन फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं होने से मृतकों के दुर्घटना क्लेम का मामला अटक जाता है। बालोतरा, नसीराबाद आदि स्थानों पर परिवहन निरीक्षक को फिटनेस के अधिकार दिए हुए हैं।
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