जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट ने गैंगस्टर आनंदपालसिंह के भाई की ओर से पुलिस और प्रतिद्वंदी गिरोह से जान को खतरा बताते हुए दायर याचिका पर गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक, उदयपुर जेल अधीक्षक, महानिरीक्षक पुलिस (उदयपुर रेंज) सहित अन्य पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
न्यायाधीश दिनेश मेहता की एकलपीठ में अधिवक्ता बलजिंदरसिंह संधू ने बताया कि याचिकाकर्ता रूपेंद्रपाल सिंह और उसकी पत्नी सुमनकंवर को जान का खतरा है। रूपेंद्र दो वर्ष पूर्व 24 जून को पुलिस एनकाउंटर में मारे गए आनंदपाल सिंह का सगा छोटा भाई और कथित फर्जी एनकाउंटर का मुख्य गवाह है। याचिकाकर्ता सहित उसके परिजनों को पुलिस और प्रतिद्वंदी गिरोह नुकसान पहुंचा सकते हैं। जेल प्रशासन ने उसे अजमेर सेंट्रल जेल से उदयपुर स्थित सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि 4 अगस्त को उदयपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिटी सहित कुछ मातहत पुलिस अधिकारी उसकी बैरक में आए और उसके साथ लाठी और सरियों से मारपीट की, इससे उसे चोटें भी आई। याचिकाकर्ता को इस बात के लिए धमकाया कि वह एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए दर्ज मामले में अपनी गवाही से मुकर जाए।
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