धुंधाड़ा/जोधपुर.
शहर के पाल गांव में करीब 15 वर्ष पूर्व जिस भवन में पटवारघर चलता था उस भवन को शनिवार को अज्ञात लोगों ने जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। कुछ दिन पूर्व जर्जर भवन के पत्थर गिरने से पशु की मौत हो गई थी। सूचना मिलने पर तहसीदार ने अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पाल गांव चौराहा पर कई वर्ष पहले ग्रामीणों ने चंदे से एक धर्मशाला का निर्माण करवाया था। कुछ वर्ष बाद धर्मशाला में संस्कृत विद्यालय चलाया गया। स्कूल के बंद होने के बाद भवन में पटवारी बैठने लगे। करीब 15 वर्ष पहले गांव में नया पंचायत भवन बनने पर पटवारी ने भवन खाली कर दिया। इसके बाद भवन कई वर्षों तक खाली रहने से जर्जर हो गया। इससे पत्थर टूटकर गिर रहे थे। इसकी चपेट में आने एक सांड की अकाल मौत हो गई। कुछ लोगों ने शनिवार सुबह आठ बजे जेसीबी से भवन को गिरा दिया ताकि भविष्य में ऐसी घटना ना हो।
इनका कहना है
‘पूर्व में यहां पर धर्मशाला थी और धर्मशाला में स्थाई रूप से पटवारी को बैठने की जगह दी गई। अब पटवारी पंचायत भवन के पास बैठते हैं।
-भलाराम सारण, पूर्व सरपंच, पाल
‘धर्मशाला भवन जर्जर होने के बाद पशु बैठने लगे थे। धर्मशाला भवन में अस्थाई रूप से करीब 15 वर्ष पूर्व पटवारी बैठता था।
-नीरज कंवर, प्रधान, पंचायत समिति लूणी
क्या कहते हैं अधिकारी
‘पाल गांव में जर्जर भवन तोडऩे की सूचना मिली, जिस पर हल्के पटवारी को मौके पर भेजकर रिपोर्ट बनाई गई। अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है।
-वीरेंद्र सिंह शेखावत, कार्यवाहक तहसीलदार, जोधपुर
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