हे भगवान, मेरी क्या गलती है!

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर. ये भी सभी बच्चों की तरह हंसते हैं, खिलखिलाते व मुस्कुराते हैं। अंग्रेजी में बात करते हैं और गुनगुनाते है। पता नहीं, एकदम से बागों के ये फूल अचानक क्यों मुरझा जाते हैं? ईष्र्या है तो इस बात की इन्हें ही बार-बार क्यों डॉक्टर अंकल के पास आना पड़ता है। कई बार इलाज नहीं होता है तो कोसते हैं। जब थोड़े बड़े होते हैं और बीमारी के बारे में पता चलता है कि ये बीमारी उन्हें मम्मी-पापा से मिली। फिर एक ही बात दोहराते है कि, ‘हे भगवान, मेरी क्या गलती है...।’ ये कहानी फिल्मी नहीं, हकीकत है हमारे जोधपुर के एचआईवी पीडि़त बच्चों की। क्योंकि इन्हें खुद भी पता नहीं कि वे किस गुनाह की सजा भुगत रहे हैं? ये वे बच्चे हैं, जो जन्मजात से एचआईवी पीडि़त हैं।

परिवार व समाज में बन रहे भेदभाव का शिकार

एचआइवी संक्रमित बच्चों के माता-पिता की मृत्युु (एड्स की वजह) से होने के पश्चात् बच्चों को परिवार के अन्य सदस्यों से प्यार नहीं मिलता। आरोप है कि इन बच्चों की अच्छी तरह से देखरेख नहीं की जाती है। घर के अन्य सदस्य अपने बच्चों के साथ खेलने व पढऩे तक नहीं देते हैं। परिजन मानते हैं कि बार-बार अस्पताल तक लेकर जाने से कोई मतलब नही हैं। शिकायतें ये भी हैं कि इन बच्चों को स्कूलों में भी दूसरे बच्चों से अलग बैठाया जाता है।

रियल हीरो: जोशी के प्रयास ने बदली बच्चों की तकदीर

डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में संचालित एचआइवी जांच एवं परामर्श केन्द्र पर 2004 में दिनेश जोशी ने एचआइवी पीडित लोगों को परामर्श एवं सहायता प्रदान करने का कार्य शुरू किया था। उस समय एचआइवी/एड्स पीडि़तों को अक्सर भेदभाव एवं कलंकित नजरों से देखा जाता था। माता-पिता की मृत्यु के बाद परिवार के अन्य सदस्यों ने बच्चों को उचित चिकित्सा एवं शिक्षा से वंचित कर दिया। जोशी, मरीजों की ये स्थिति देख भावुक हो गए। जोशी व उनके साथियों ने मिलकर संस्थान का गठन किया। डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. अरविन्द माथुर ने भी इसके लिए प्रेरणा दी। सन् 2006 में शहर के रियल हीरो जोशी ने जोधपुर नेटवर्क ऑफ पिपुल लिविंग विथ एचआइवी संस्थान (जेएनपी प्लस) का पंजीयन कराया। उस वक्त दवाइयों की कमी से कई पीडि़त कालग्रास हो गए। धीरे-धीरे समाजसेवी व प्रशासन से जोशी को सहयोग मिलने लगा। जोशी की टीम एचआइवी पीडि़तों के जीवन स्तर को सुधारने का कार्य कर आगे बढ़ती रही।

--------

क्या है एचआईवी एडस

एचआईवी एक प्रकार के जानलेवा इंफेक्शन से होने वाली बीमारी है। जानलेवा इंफेक्शन व्यक्ति के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) पर हमला करता है। जिसकी वजह से शरीर सामान्य बीमारियों से लडऩे में भी अक्षम होने लगता है। ये बीमारी तीन चरणों (प्राथमिक चरण, चिकित्सा विलंबता होना और एड्स) में होती है।

एड्स पर फैक्ट फाइल

विश्व में एड्स पीडि़त
व्यस्क - बच्चे

3 करोड़ 25 लाख - 18 लाख

भारत में पीडि़त

व्यस्क- बच्चे
22 लाख 50 हजार - 2 लाख 80 हजार


राजस्थान के हाल

व्यस्क- बच्चे

92 हजार - 13 हजार

जोधपुर संभाग की स्थिति

व्यस्क - बच्चे
23 हजार - 1550

मौत- 950 - 250 बच्चे



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/35H3AFA
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment