आखिर क्यों नहीं आती आपके घर कचरा लेने वाली गाड़ी? पढि़ये कारण...

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर.
‘स्वच्छ भारत का इरादा, इरादा कर लिया हमने...।’ ऐसे गीतों के साथ कचरा लेने के लिए गाड़ी आपके गली-मोहल्ले में आती होगी। ऐसी एक गाड़ी को 800 घरों से कचरा संग्रहण करने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रतिदिन घरों से यह कचरा उठाना होता है। लेकिन खास बात यह है कि घरों से तो दूर गली के नुक्कड़ पर पड़ा कचरा भी प्रतिदिन नहीं उठ रहा। शहर के कई मोहल्लों से आई ऐसी शिकायतों के बाद ‘पत्रिका टीम’ ने पड़ताल की तो पता चला कि जिन फर्म को ठेके दिए गए हैं उनके चालक व कर्मचारी अपने स्तर पर प्रतिदिन के टारगेट को आधा कर रहे हैं।

नगर निगम के ज्यादातर वार्ड में सफाई को लेकर कोई गंभीरता नहीं है। शहर के बाशिंदे नगर निगम के चक्कर काटते रहते हैं। प्रार्थना पत्र लिए इधर-उधर घूमते रहते हैं। लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। लोग वैसे ही कचरा फेंक रहे हैं और सडक़ों और गलियों में कचरा और कीचड़ फैला हुआ है। शहर के प्रमुख स्थल उदयमंदिर आसन, पब्लिक पार्क, स्टेडियम, शिप हाउस, नागौरी गेट, महामंदिर, माणक चौक, त्रिपोलिया, गुलाबसागर व फतेहसागर इलाके में भी गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। शहरी चार दीवारी के बाहर भी कई मोहल्लों में ऐसे ही हालात हैं।

क्या है डोर टू डोर कचरा संग्रहण
अभी एक माह पहले ही शहर के सभी 65 वार्ड में डोर टू डोर कचरा संग्रहण शत-प्रतिशत लागू हुआ है। अभी छह माह ये फर्म अपने स्तर पर ही कचरा संग्रहण करेगी और किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। छह माह रिव्यू के बाद काम ठीक होता है तो उस फर्म को संबंधित वार्ड से राशि वसूलने का अधिकार भी दिया जाएगा।

फैक्ट फाइल
- 65 वार्ड में डोर टू डोर कचरा संग्रहण शुरू हुआ।

- 230 करीब वाहन प्रतिदिन कचरा संग्रहित करते हैं।
- 800 घरों का दायरा है एक वाहन का।

- 3-4 वाहन एक वार्ड में लगे हुए हैं।
- 6 माह तक नहीं लिया जाएगा वार्ड से शुल्क।

विधानसभावार होगी जांच

पूरे शहर से इस प्रकार की शिकायतें सामने आई हैं। अब विधानसभावार इसकी जांच करवाने की तैयारी है। कुछ दिन पहले डोर टू डोर कचरा संग्रहण की रिव्यू बैठक में आयुक्त ने संबंधित फर्म संचालकों को फटकार भी लगाई है।

इनका कहना...
कचरे के जो पॉइंट हैं वहां तो नियमित सफाई हो रही है। कई बार वाहन चालक जो कि अपने क्षेत्र की एक गली को छोड़ देता है। ऐसे में लोगों को लगता है कि नियमित नहीं है। इसकी भी जांच करवा कर कार्रवाई करेंगे।

- सुरेश कुमार ओला, आयुक्त, नगर निगम जोधपुर।

[MORE_ADVERTISE1]

from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/34VkhN4
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment