खनन माफियों से ओरण, गोचर एवं गैर मुमकिन भाखर पर मंडरा रहा खतरा

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देणोक. प्राचीनकाल में गांवों में अपनी अलग से पहचान रखने वाली ओरण, गोचर एवं सरकारी भूमि जंगली जानवरों, वन्यजीवों की संरक्षण स्थली मानी जाती थी। वहीं भूमि आज भूमाफियों के हत्थे चढ़ जाने से अपना अस्तित्व खो रही है। इस भूमि पर आज खनन माफिया चांदी कूटने में जुटे है। आलम है कि क्षेत्र के ईन्दों का बास एवं ईन्दोलाई नाडी शैतान सिंहनगर ग्राम पंचायत की एेसी भूमि पर पिछले कई सालों से क्षेत्र के ठेकेदारों द्वारा धड़ल्ले से मूरड़ का अवैध खनन किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि उक्त खनन कार्य विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है। इसको लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों ने कई बार विभागीय अधिकारियों को शिकायतें भी की लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में रोष है।
अवैध रूप से निकाल रहे पत्थर: क्षेत्र के ईन्दों का बास सहित आस-पास के एक दर्जन से अधिक गांवों में बिना सरकारी लीज के क्षेत्र के लोग धड़ल्ले से अवैध रूप से पत्थर निकालकर सरकार को चपत लगा रहे है। दूसरी ओर उक्त खनन माफिए पत्थरों को मुंह मांगे दाम लेकर दूसरे गांवों व शहरों तक परिवहन करवा रहे है। लेकिन इनको कोई रोकने वाला नहीं होने से इनके हौंसले बुलन्द हो रहे है। सडक़ निर्माण में मूरड़ का अवैध खनन:-क्षेत्र के आस-पास गांवों में सार्वजनिक निर्माण विभाग, कृषि विभाग के मार्फत से होने वाली नई सडक़ निर्माण कार्यों के अतिरिक्त दूसरे गांवों में पंचायत की ओर से बनने वाली ग्रेवल सडक़ निर्माण कार्याें में भी इस मूरड़ का अवैध खनन करके बाहर परिवहन किया जाता है।निस.

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