नगरपालिका के नए बोर्ड से शहर ने संजोए है विकास के सपने

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यह है चुनाव मैदान की तस्वीर -

कुल वार्ड - 40

निर्विरोध निर्वाचित - 2

कुल प्रत्याशी - 108

कांग्रेस - 38

भाजपा - 38

निर्दलीय- 32

फलोदी के प्रमुख मुद्दे-

* जिले जैसा हो विकास - फलोदी को नया जिला बनाने की मांग पिछले कई सालों से चल रही है, लेकिन अब तक फलोदी की यह सबसे बड़ी मांग अधूरी ही रही है। वहीं दूसरी तरफ शहर नगरपालिका से जिले जैसे विकास का सपना संजोए हुए है।

* पूरे शहर के लिए सीवरेज लाइन - कांग्रेस सरकार के गत कार्यकाल में फलोदी शहर के लिए करीब १०० करोड़ की लागत से सीवरेज लाइन प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई थी, लेकिन सरकार बदलने के बाद प्रोजेक्ट को समीक्षा में रखा गया और शहर की जनसंख्या के आंकड़ों के आधार पर यह प्रोजेक्ट हाथ से फिसल गया। गौरतलब है कि फलोदी के कई इलाकों में जमीन से हरसमय पानी का रिसाव होता रहता है तथा लोगों के घरों के तहखाने पानी से भरे रहते है।

* हर जगह नजर आते हंै आवारा पशु- शहर में आवारा पश्ुाओं की समस्या बड़ा मुद्दा है। शहर की मुख्य सड़कें हो या गली मोहल्ले हर तरफ आवारा पशुओं का जमावड़ा नजर आता है। आवारा पशुओं से कई बार सड़कों पर दुर्घटनाएं हो चुकी है तथा कई लोगों को आवारा पशुओं ने जख्मी कर दिया है।

* यातायात व्यवस्था- शहर की मुख्य सड़कों पर दिन-भर बार-बार जाम लगना तो आम बात हो चुकी है। एैसे में शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू करने की आवश्यकता है। * कचरा निस्तारण - शहर में मलार रोड़ पर बनाए गए कचरा संग्रहण केन्द्र पर आए दिन आग लगने के मामले सामने आते है। जिससे लोग इस कचरा संग्रहण केन्द्र को अन्यत्र स्थापित करने की मांग कर रहे हंै। साथ ही कचरे के सही निस्तारण के लिए व्यवस्थाओं की आवश्यकता है।

* पर्यटन विकास - फलोदी शहर ऐतिहासिक विरासतों का शहर है। यहां कई प्राचीन मंदिर और कलात्मक हवेलियां है। साथ ही यहां ऐतिहासिक किला भी है। एैसे में शहर में पर्यटन विकास हो तो शहर को नई पहचान मिल सकती है। साथ ही शहर में हेरिटेज वॉक की आवश्यकता भी है।

* स्वच्छ जलापूर्ति - शहर में यूं तो जलापूर्ति के लिए हाल ही में केशव नगर प्रोजेक्ट शुरू किया गया है और शहर को झील से जलापूर्ति की जा रही है, लेकिन आए दिन नलों से मिट्टीयुक्त जलापूर्ति की शिकायत बनी रहती है।

* निर्बाध विद्युत आपूर्ति - शहर में विद्युत आपूर्ति तंत्र कैसा है? इसका अंदाजा तो दिन और रात में बार-बार बिजली की आंख मिचौली से लगाया जा सकता है। साथ ही बारिश का मौसम बनते ही बिजली गुल हो जाती है। ----------------------

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