आपकी उम्र 40 वर्ष से अधिक है तो हो सावधान रहिए

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जोधपुर. आपकी उम्र 40 वर्ष से अधिक है तो सावधान रहिए। खांसी के साथ बलगम, श्वास फूलना, सर्दियों में खांसी ज्यादा होना, थोड़े से परिश्रम से श्वांस ज्यादा फूलना आदि लक्षण है तो आपको सीओपीडी हो सकती है। इसको स्पाइरो मीटरी नाम टेस्ट से नापा जाता है। इसमें नियमित इन्हेलर थैरेपी कारगर पद्धति है। मरीज को प्रदूषण व धू्रमपान नहीं करना चाहिए।

भारत में दमा के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। ऐसे मरीजों की समस्या स्मॉग या प्रदूषित वातावरण में और भी बढ़ जाती है। स्मॉग की स्थिति क्रॉॅनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) की स्थिति को बदतर बना सकती है। देश में सीओपीडी के लगभग तीन करोड़ मरीज हैं। यह बीमारी प्रमुख रूप से धू्रमपान करने वालों को होती है। लेकिन धूमपान न करने वाले भी इसका शिकार हो सकते हैं। सीओपीडी बीमारी के कारण भारत में प्रतिदिन 23 सौ लोगों की मौतें होती हैं।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जोधपुर एम्स) में सीओपीडी दिवस के एक दिन पूर्व जनजागरुक कार्यक्रम आयोजित किया गया। पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के सहआचार्य डॉ. नवीन दत्त ने बताया कि सीओपीडी के कारण होने वाली मौतों की संख्या में भारत दूसरे नंबर पर है। सीओपीडी की जांच में विलंब और अपर्याप्त उपचार के कारण स्थिति खराब होती जा रही है। डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज से डॉ. सीआर चौधरी ने कहा कि अस्थमा से मिलता-जुलता प्रोढ़ावस्था में होने वाला सीओपीडी अस्थमा से ज्यादा घातक होता है। ग्रामीण भारत में मृत्यु का बड़ा कारण सीओपीडी है। राजस्थान का भारत में 8वां स्थान है। मृत्युदर के हिसाब से राजस्थान का भारत में पहला स्थान हैं। इस बीमारी में लंग पर अटैक होता है।

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