Watch : जोधपुर के इस मंदिर में होती है रावण की कुलदेवी खरानना माता की आराधना, दशानन-मंदोदरी का भी है मंदिर

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

वीडियो : नंदकिशोर सारस्वत/जोधपुर. राव जोधा की नगरी जोधपुर में दशानन लंकेश रावण और उनकी पत्नी जोधपुर के मंडोर की मंदोदरी का मंदिर है जहां पर नियमित रूप से पूजा होती है। इतना ही नहीं लंकापति दशानन रावण की आराध्य देवी खराणना माता का मंदिर भी है जहा शारदीय नवरात्र में पूरे 9 दिन तक विधिवत पूजा-अर्चना होती है। जिसमें जोधपुर के अलावा गुजरात और मुंबई से भी श्रद्धालु भाग लेते हैं। चांदपोल विद्या शाला मेहरानगढ़ रोड पर महादेव अमरनाथ मंदिर प्रांगण में निर्मित रावण के मंदिर में नव ग्रहों की गति और अवधि के अनुसार खरानना माता की प्रतिमा को वायव्य कोण में स्थापित किया गया है।

बताया जाता है कि खरानना देवी की आराधना से ही रावण ने यक्ष गंधर्व इंद्र देव दानव सहित सात दीपों पर विजय प्राप्त की थी। रावण भगवान शिव की आराधना के बाद खरनना देवी की विशेष आराधना किया करता था। खरा नना देवी का मस्तिष्क गदर्भ का है और जोधपुर में श्रीमाली गोधा दवे ब्राह्मणों की आराध्य देवी भी मानी जाती है। दवे गोधा श्रीमाली ब्राह्मण विजय दशमी को रावण दहन पर सूतक रखते हैं और दशानन दहन के बाद स्नान कर यज्ञोपवित धारण करते हैं। दशानन की विशाल प्रतिमा के सामने ही मंदोदरी का मंदिर है।

जोधपुर में रावण के मंदिर में जो प्रतिमा बनी है वह करीब 2000 किलो की है और जोधपुर के ही छीतर के पत्थर से निर्मित है। जिसमें लंकाधिपति रावण को भगवान शिव का अभिषेक करते दर्शाया गया है। मंदिर परिसर में भी एक अन्य प्रतिमा है जिसमें रावण को शीश पर ब्रह्मांड उठा कर नृत्य करते दर्शाया गया है।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/30UsDSN
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment